विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) का ब्लॉक स्तरीय शुभारंभ संपन्न

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विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) का ब्लॉक स्तरीय शुभारंभ संपन्न 

*ग्रामीणों को मिलेगा 125 दिनों का मांग आधारित रोजगार, मजदूरी बढ़कर हुई 300 रुपये प्रतिदिन*

 

डोंगरगढ़। विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा संचालित विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) का ब्लॉक स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम जनपद पंचायत डोंगरगढ़ के सभा कक्ष में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का वर्चुअल शुभारंभ आंध्र प्रदेश के तिरुपति से केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। इस अवसर पर उन्होंने देशभर के ग्रामीण नागरिकों को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन एवं आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को लेकर केंद्र सरकार की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, पंचायत सचिवों एवं ग्रामीणों को विकसित भारत-2047 की परिकल्पना तथा ग्रामीण रोजगार योजनाओं में किए गए महत्वपूर्ण बदलावों की जानकारी दी गई। बताया गया कि अब प्रत्येक पंजीकृत ग्रामीण परिवार को पूर्व में निर्धारित 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों तक मांग आधारित रोजगार की गारंटी प्रदान की जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे तथा लोगों की आय में वृद्धि होगी।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि योजना के अंतर्गत केवल मजदूरी आधारित कार्य ही नहीं, बल्कि विभिन्न अधोसंरचना विकास कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। इससे गांवों में सड़क, नाली, जल संरक्षण, सामुदायिक परिसंपत्तियों एवं अन्य जनहितकारी कार्यों को गति मिलेगी, जिससे ग्रामीण विकास को नई दिशा प्राप्त होगी।

ग्रामीण श्रमिकों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए छत्तीसगढ़ में मनरेगा श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। इससे हजारों ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और उन्हें बेहतर आजीविका के अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा तथा रोजगार की मांग प्राप्त होने के 15 दिनों के अंदर कार्य उपलब्ध कराने का प्रावधान लागू रहेगा।

योजना के प्रभावी संचालन एवं पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक व्यय की सीमा को भी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है, जिससे योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और निगरानी में सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती किरण साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लता अजय सिन्हा, जिला पंचायत सदस्य ,अनीता मांडवी, जनपद पंचायत सभापति श्री सुरेश वर्मा, जनपद सदस्य श्री रामकुंवर कामड़े, भाजपा जनप्रतिनिधि अमर साहू एवं अजय सिंह सहित जनपद पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम पंचायतों के सचिव तथा बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों ने केंद्र सरकार की इस पहल को ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा गांवों में रोजगार के स्थायी अवसर सृजित होंगे। इससे विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

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