
रिपोर्ट – नागेश्वर मोरे गरियाबंद
गरियाबंद – सर्व समाज समन्वय महासभा की जिला स्तरीय समन्वय बैठक में सामाजिक एकता, सामाजिक लोकतंत्र, शिक्षा, क्षेत्रीय विकास और समाज के सर्वांगीण उत्थान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष एवं कुलाधिपति डॉ. संजीव कर्मकार वशिष्ठ ने समाज के प्रबुद्धजनों से संवाद करते हुए कहा कि महासभा का मूल उद्देश्य राजनीति से ऊपर उठकर सर्व समाज के हित में कार्य करना और प्रत्येक समाज के उत्थान का मार्ग प्रशस्त करना है।
डॉ. कर्मकार वशिष्ठ ने कहा कि हमें सर्व समाज को साथ लेकर आगे बढ़ना है। समाज के प्रत्येक वर्ग की समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति विशेष की राजनीति करना नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास और समाजहित के मुद्दों को मजबूती से उठाना है। उन्होंने कहा कि श्री रामलला के विजय पथ पर अग्रसर होते हुए हमें ऐसे कार्य करने चाहिए, जिनसे समाज में एकता, सेवा और विकास की भावना मजबूत हो।
उन्होंने कहा कि समाज द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों को भी अपने क्षेत्र की समस्याओं और विकास कार्यों का बोध होना चाहिए। उन्हें यह महसूस होना चाहिए कि जिन लोगों ने उन्हें चुना है, उनके बीच रहकर उनकी सेवा करना और उनकी समस्याओं का समाधान करना उनकी जिम्मेदारी है। महासभा इसी उद्देश्य को लेकर समाज और क्षेत्रहित के मुद्दों पर सकारात्मक भूमिका निभाएगी।
*गरियाबंद में विश्वविद्यालय की मांग को लेकर उठी आवाज*
बैठक में विद्यार्थियों की शिक्षा से जुड़ी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। डॉ. संजीव कर्मकार वशिष्ठ ने कहा कि गरियाबंद जिले में स्थानीय स्तर पर विश्वविद्यालय की स्थापना होना बेहद आवश्यक है। वर्तमान में उच्च शिक्षा के लिए जिले के विद्यार्थियों को बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता है, जिसके कारण उन्हें आर्थिक, सामाजिक और आवास सहित अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि यदि गरियाबंद जिले में विश्वविद्यालय स्थापित होता है तो स्थानीय विद्यार्थियों को अपने ही जिले में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा तथा जिले में शिक्षा के क्षेत्र में भी व्यापक विकास होगा। महासभा इस महत्वपूर्ण विषय को क्षेत्रहित के मुद्दे के रूप में आगे बढ़ाने का प्रयास करेगी।
*सर्व समाज समन्वय महासभा की जिला कार्यकारिणी गठित*
बैठक के दौरान सर्व समाज समन्वय महासभा की जिला कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। इस अवसर पर नवनियुक्त पदाधिकारियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सामूहिक रूप से पदभार ग्रहण कराया गया। इसके बाद सभी पदाधिकारियों को समाजहित, क्षेत्रहित और संगठन के उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करने की शपथ दिलाई गई।
*नवनियुक्त जिला कार्यकारिणी में—*
– संरक्षक — डॉ. मुन्नालाल देवदास
– जिला अध्यक्ष — श्री केशर कुमार निर्मलकर
– जिला संयोजक — डॉ. बोधन लाल काशी
– उपाध्यक्ष — श्री मोतीराम निषाद
– उपाध्यक्ष — श्री फिरंगी राम पटेल
– उपाध्यक्ष — श्री संदीप पांडेय
– उपाध्यक्ष — श्री कुलेश्वर सिन्हा
– उपाध्यक्ष — श्री देवलाल मरकार
– जिला सचिव — श्री डोमार साहू
– कोषाध्यक्ष — श्री छबिसिंह ठाकुर
– मीडिया सचिव — श्री नागेश्वर मोरे
को नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
कार्यक्रम में प्रदेश सचिव श्री प्रताप महंती तथा जिला सचिव, संस्कृति विभाग श्री सुरेंद्र मानिकपुरी सहित सर्व समाज के प्रबुद्धजन एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
*सामाजिक एकता और क्षेत्रीय विकास को प्राथमिकता*
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि समाज की मजबूती केवल संगठन के विस्तार से नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने से होगी। सर्व समाज समन्वय महासभा का प्रयास रहेगा कि विभिन्न समाजों के बीच आपसी समन्वय और भाईचारा मजबूत हो तथा क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को सामूहिक रूप से शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखा जाए।
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने भी संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि वे सामाजिक एकता, शिक्षा, रोजगार, क्षेत्रीय विकास और जनहित के विषयों को प्राथमिकता देते हुए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करेंगे।
बैठक का समापन समाजहित और क्षेत्रहित में एकजुट होकर कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ।







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