शराब दुकानों में कथित वसूली का मामला गरमाया, धनंजय सिंह की भूमिका पर उठे सवाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों में ओवररेटिंग के खिलाफ आबकारी विभाग द्वारा कार्रवाई किए जाने के बीच दुकानों में कथित वसूली और अनधिकृत व्यक्तियों की आवाजाही का मामला भी सामने आया है।
शिकायत के अनुसार धनंजय सिंह नामक व्यक्ति स्वयं को एरिया मैनेजर बताकर विभिन्न शराब दुकानों में पहुंचता है और कर्मचारियों पर कथित रूप से दबाव बनाकर पैसों की मांग करता है।
आरोप है कि धनंजय सिंह द्वारा कर्मचारियों से ओवररेटिंग अथवा अधिक मूल्य पर शराब बिक्री से संबंधित कार्रवाई का भय दिखाकर कथित रूप से राशि की मांग की जाती है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि राशि नहीं देने पर कर्मचारियों को कार्रवाई में फंसाने, नौकरी से हटवाने तथा ब्लैकलिस्ट कराने की धमकी दी जाती है।
अनधिकृत रूप से दुकानों में प्रवेश का आरोप
शिकायत में दावा किया गया है कि धनंजय सिंह के पास एरिया मैनेजर के रूप में दुकानों में निरीक्षण अथवा कर्मचारियों से राशि लेने का कोई अधिकृत पत्र या प्राधिकृत दस्तावेज नहीं है।
इसके बावजूद उसके द्वारा दुकानों में जाकर कर्मचारियों से कथित वसूली किए जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियों से शराब दुकानों के कर्मचारियों में भय और असुरक्षा का वातावरण निर्मित हो रहा है।
कर्मचारियों ने संबंधित विभाग एवं मेनपावर कंपनी से मांग की है कि किसी भी व्यक्ति को बिना अधिकृत आदेश या पहचान-पत्र के दुकानों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाए।
धनंजय सिंह के संबंधों को लेकर भी लगाए गए आरोप
शिकायत में धनंजय सिंह को बिहार का निवासी बताते हुए उसके पारिवारिक संबंधों को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता पक्ष ने दावा किया है कि धनंजय सिंह, अजय सिंह का सगा भाई है। अजय सिंह के संबंध में भी शराब के अवैध कारोबार और तस्करी से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं तथा उसके विरुद्ध धारा 34(2) के तहत कार्रवाई किए जाने का दावा किया गया है।
विभाग और कंपनी से निष्पक्ष जांच की मांग
शिकायतकर्ता पक्ष ने आबकारी विभाग और संबंधित मेनपावर कंपनी से धनंजय सिंह की वास्तविक नियुक्ति, पद, अधिकार तथा दुकानों में प्रवेश की अनुमति की जांच कराने की मांग की है। साथ ही कथित वसूली के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
मामले में संबंधित विभाग, मेनपावर कंपनी तथा धनंजय सिंह का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो शराब दुकानों में अनधिकृत हस्तक्षेप और कथित वसूली पर रोक लगाने के लिए कठोर कदम उठाना आवश्यक होगा।







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