*नाग पंचमी पर शेषनाग स्वरूप में सजे देवभोग के महाकालेश्वर, उमड़ा आस्था का सैलाब*
रिपोर्ट – नागेश्वर मोरे गरियाबंद
देवभोग। श्रावण मास के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के पावन संयोग पर देवभोग स्थित श्री श्री 108 महाकालेश्वर मंदिर में भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही, वहीं संध्याकालीन पूजा-अर्चना के दौरान मंदिर परिसर भक्तों के जयकारों से गूंज उठा।
नाग पंचमी के विशेष अवसर पर भगवान महाकालेश्वर का आकर्षक एवं मनमोहक शेषनाग स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया गया। भगवान भोलेनाथ के दिव्य स्वरूप के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भक्तों ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर भगवान महादेव का आशीर्वाद लिया और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना की।
नाग पंचमी के चलते श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में भक्तों ने भगवान महाकालेश्वर को दूध का चढ़ावन अर्पित किया। मंदिर में विशेष पूजा के दौरान हर-हर महादेव और भोलेनाथ के जयकारों से पूरा वातावरण शिवमय हो गया।
श्रावण मास वैसे ही भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है, ऐसे में तीसरे सोमवार के दिन नाग पंचमी का पर्व पड़ने से इस बार मंदिर में श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ देखने को मिली। भक्तों ने भगवान महाकालेश्वर के आकर्षक श्रृंगार और दिव्य दर्शन कर स्वयं को धन्य माना।
संध्याकालीन पूजा के दौरान भगवान महाकालेश्वर का शेषनाग स्वरूप में किया गया श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। मंदिर में मौजूद श्रद्धालु भगवान के इस दिव्य स्वरूप को निहारते रहे और भक्ति भाव में लीन होकर भगवान शिव का गुणगान करते नजर आए।
नाग पंचमी और सावन सोमवार के इस पावन संयोग ने देवभोग के महाकालेश्वर मंदिर को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। देर शाम तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही और हर ओर ‘हर-हर महादेव’ एवं ‘भोलेनाथ की जय’ के जयकारे सुनाई देते रहे। श्रद्धालुओं ने भगवान महाकालेश्वर के दिव्य दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।








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