
*देवभोग में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मनाया हिंदू स्वराज्य दिवस, छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक दिवस पर किया नमन*
*रिपोर्ट – नागेश्वर मोरे गरियाबंद*
देवभोग – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आज देवभोग सरस्वती शिशु मंदिर में हिंदू साम्राज्य दिवस मनाया गया इस उपलक्ष में संघ के पूर्व जिला धर्म जागरण प्रमुख एवं वरिष्ठ स्वयं सेवक श्री जय विलास शर्मा ने छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रेरणा स्रोत शब्दों से उपस्थित स्वयंसेवकों को उद्बोधन दिया जिसमें उन्होंने कहा कि 6 जून 1674 को छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक के साथ हिंदवी स्वराज्य की स्थापना का स्वर्णिम अध्याय शुरू हुआ। यह दिन भारतीय इतिहास में स्वाभिमान, सुशासन और स्वतंत्रता का प्रतीक माना जाता है।”
छत्रपति शिवाजी ने हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों से इतनी ज्यादा आहत थे कि उन्होंने बचपन से ही प्रण कर लिया था कि मैं हिंदू समाज के लिए हमेशा तत्पर रहूंगा
इसका अर्थ किसी एक धर्म के लोगों का राज्य नहीं, बल्कि विदेशी शासन से मुक्त, स्वदेशी और न्यायपूर्ण शासन व्यवस्था स्थापित करना था, जहाँ सभी प्रजा के साथ समान न्याय हो।
छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक 6 जून 1674 (ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी) को रायगढ़ किला में हुआ था। इस अवसर पर उन्हें विधिवत ‘छत्रपति’ की उपाधि भी दी गई।
छत्रपति शिवाजी महाराज की माता श्रीमती जीजाबाई ने बचपन में ही शिवाजी को हिंदू साम्राज्य, हिंदू समाज एवं हिंदू देवी देवताओं की रक्षा के लिए उन्हें मार्गदर्शन दिया जिसका परिणाम यह हुआ कि आने वाले दिनों में छत्रपति शिवाजी महाराज ने हिंदू देवी देवताओं पर हो रहे आक्रमण एवं हिंदू समाज के ऊपर हो रहे अत्याचार का दृढं साहस के साथ सामना कर अंग्रेजों को मुह तोड़ जवाब दिया।
छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक हिंदू स्वराज्य की स्थापना का एक महत्वपूर्ण प्रतीक था।
इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से खंड के खंड संघचालक मनोज रघुवंशी, विभाग व्यवस्था प्रमुख तस्मीत पात्र, खंड सहकार्यवाह केवल राम ध्रुव, कुटुंब प्रबोधन प्रमुख नरेंद्र साहू, खण्ड व्यवस्था प्रमुख गोविंदा सिंघल, खण्ड बौद्धिक प्रमुख हेमंत यादव के अलावा खण्ड के पदाधिकारी गण एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।











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