
रिपोर्ट – नागेश्वर मोरे गरियाबंद
गरियाबंद- देवभोग श्रावण मास के पावन अवसर पर देवभोग में संचालित सरस्वती शिशु मंदिर की छात्राओं ने धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ते हुए भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। हाई स्कूल में अध्ययनरत 50 से अधिक छात्राएं आज रैली की शक्ल में देवभोग स्थित महाकाल मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने विधिवत भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की।
इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। छात्राएं अनुशासित रूप से रैली के रूप में मंदिर पहुंचीं। रास्ते और मंदिर परिसर में शिव भजनों की गूंज सुनाई देती रही, वहीं बैंड की धुनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंदिर पहुंचने के बाद छात्राओं ने बारी-बारी से भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
श्रावण मास और जलाभिषेक के महत्व की दी जानकारी
सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य मनोज रघुवंशी ने बताया कि संस्था में निर्धारित शैक्षणिक गतिविधियों के अंतर्गत आध्यात्मिक एवं बालिका शिक्षा को भी विशेष महत्व दिया जाता है। इसी उद्देश्य से श्रावण मास में छात्राओं को भगवान शिव की आराधना, जलाभिषेक की परंपरा और इसके धार्मिक महत्व से परिचित कराने के लिए यह आयोजन किया गया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों की जानकारी देना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से छात्राओं में भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति समझ एवं सम्मान विकसित होता है।
भक्ति के साथ संस्कृति का संदेश
महाकाल मंदिर में जलाभिषेक के दौरान छात्राओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। श्रावण मास के महत्व को समझते हुए छात्राओं ने भगवान शिव की आराधना की और अपनी संस्कृति से जुड़ने का अनुभव प्राप्त किया। आयोजन के दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव और भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा।
संस्था द्वारा आयोजित इस धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधि को छात्राओं के लिए शिक्षा के साथ संस्कार और संस्कृति से जोड़ने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।








Leave a Reply