ग्राम पंचायत सचिवो के हड़ताल से गाँव गाँव में मच गया है हाहाकार | पेंशन , पानी, राशन कार्ड , प्रमाण पत्र के लिए दर दर भटक रहे है ग्रामीण जन |

ग्राम पंचायत सचिवो के हड़ताल से गाँव गाँव में मच गया है हाहाकार | पेंशन , पानी, राशन कार्ड , प्रमाण पत्र के लिए दर दर भटक रहे है ग्रामीण जन |
गरियाबंद । ग्राम पंचायत सचिवो के धरना हड़ताल से गाँव गाँव में भारी हाहाकार मच गया है | ग्रामीण जन पेंशन राशन पानी , प्रमाण पत्र के लिए दर दर भटकने को मजबूर हो गये है | दूसरी तरफ शासकीयकरण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे पंचायत सचिवों ने आर-पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। पंचायत मंत्री से वार्ता विफल होने के बाद प्रांतीय पदाधिकारियो ने रणनीति तैयार की थी जिसमें बदलाव करते हुए आंदोलन की रूपरेखा सहित तिथि जारी कर दी है। यदि क्रमशः आंदोलन के बाद भी बात नहीं बनी तो प्रदेशभर के पंचायत सचिव जंतर मंतर दिल्ली में मांग पूरी होने तक आंदोलन करेंगे। इस संबंध में सुबे के मुखिया सहित अन्य संबंधितों को भी जानकारी भेज दी गई है। ग्राम पंचायतों के तमाम सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन ग्राम पंचायत के सचिव करते है उनके द्वारा सरकार की योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाई जाती है ग्राम पंचायत सचिव संघ लंबे समय से शासकीयकरण की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी अब तक पूरी नहीं हो सकी है। पंचायत सचिवों को विधानसभा के दौरान मोदी की गांरटी के तहत मांग पूरी करने के आश्वासन से बेहद उम्मीद थी लेकिन सरकार गठन को लगभग एक साल से अधिक होने के बाद भी ठोस पहल नहीं हो सका है। जिससे नाराज पंचायत सचिव 18 मार्च से जनपद कार्यालय मुख्यालय में अनिश्चितकालीन हड़ताल में है उनके हड़ताल में चले जाने से पंचायत के अलावा अन्य विभागो के संबंधित कामकाज प्रभावित हो रहा है जिसे देखते हुए बीते दिनों शासन द्वारा एक आदेश जारी किया गया था। जिसमें 24 घंटे के भीतर काम पर नही लौटने वाले पंचायत सचिवों के खिलाफ कार्यवाही संबंधी निर्देश जारी करने कहा गया था जिसकी प्रति जलाकर पंचायत सचिवों ने विरोध जताया था। इसके कुछ ही दिन बाद 26 मार्च को पंचायत मंत्री के साथ प्रदेश सचिव संघ के प्रांतीय पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई थी। यह वार्ता विफल होने के बाद प्रांतीय पदाधिकारियों ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया इस दौरान बनाई गई रणनीति में संशोधन करते हुए रूपरेखा के साथ तिथि जारी किया कर दिया है। अब पंचायत सचिव 02 अप्रैल से क्रमबंध हड़ताड़ करेंगे इसके बाद भी बात नही बनी तो प्रदेशभर के सचिव देश की राजधानी दिल्ली रवाना होंगे जहां जंतर मंतर में मांग पूरी होने तक आंदोलन करेंगे। इस आशय से प्रांतीय संगठन में सुबे के मुखिया विष्णुदेव साय सहित संबंधितों को अवगत करा दिया है | 2 से 06 अप्रैल तक जनपद स्तर पर हड़ताल, 07 अप्रैल को जिला स्तर पर रैली निकालकर कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौपना, 08 अप्रैल को जनपद स्तर पर नंगाड़ा बजाकर विरोध प्रदर्शन, 09 अप्रैल को जनपद स्तर पर रामायणगान कर विरोध प्रदर्शन, 10 अप्रैल को जनपद स्तर पर हड़ताल पंडाल में महावीर जयंती मनाना, 11 अप्रैल को जनपद स्तर पर क्रमिक भूख हड़ताल, 12 अप्रैल को जनपद स्तर पर सरकार को सदबुद्धि हेतु हनुमान चालीसा पाठ, 13 अप्रैल को जनपद स्तर पर क्रमिक भूख हड़ताल, 14 अप्रैल को जनपद स्तर पर हड़ताल परिसर में डाॅक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाना, 15 से 19 अप्रैल तक जनपद स्तर पर क्रमिक भूख हड़ताल, 20 अप्रैल को प्रदेश के समस्त सचिव जंतर मंतर मैदान हेतु रवाना एवं 21 अप्रैल से मांग पूरा होने तक जंतर मंतर मैदान दिल्ली में अनिश्चितकालीन हड़ताल किया जायेगा। उक्त जानकारी ग्राम पंचायत सचिव संघ के मैनपुर ब्लॉक अध्यक्ष प्रेमलाल ध्रुव एवं संतोष गुप्ता, निर्मल देशमुख, दसरू जगत, त्रिवेण नागेश, तुकाराम नायक, अशोक महंती, रामेश्वर ध्रुव, बसंत सिंन्हा, संजय राजपूत एवं सचिवों ने दिया है। ग्राम पंचायत सचिव संघ द्वारा शासकीयकरण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल किया जा रहा है जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवस्था बिगड़ गई है ग्राम पंचायतो के नवनिर्वाचित सरपंचो को अब तक पदभार नही मिला है गांवो में गर्मी के साथ पेयजल और निस्तारी जल की समस्या बढ़ गई है नया सरपंच पदभार ग्रहण नही करने के कारण चाहकर भी गांवो के मूलभूत समस्याओ का समाधान नही कर पा रहे है ग्राम पंचायत के सचिव हड़ताल में है जिससे गांवो में पेयजल, निस्तारी जल, नाली सफाई और मूलभूत समस्याओं का समाधान नही हो पा रहा है जिससे भारी नाराजगी देखने को मिल रही