छत्तीसगढ़, उड़ीसा , बंगाल में उल्कापिंड टकराने का रिसर्चर तीव कुमार सोनी का रिसर्च सही सिद्ध हुआ है | अमेरिका के NASA ने भी बताया की छत्तीसगढ़, उड़ीसा, बंगाल से टकरा सकता है उल्कापिंड | रिसर्चर तीव कुमार सोनी ने वैज्ञानिक सिद्धांतो की मान्यता के लिये भारत सरकार को आवेदन प्रस्तुत किया है |

छत्तीसगढ़, उड़ीसा , बंगाल में उल्कापिंड टकराने का रिसर्चर तीव कुमार सोनी का रिसर्च सही सिद्ध हुआ है | अमेरिका के NASA ने भी बताया की छत्तीसगढ़, उड़ीसा, बंगाल से टकरा सकता है उल्कापिंड | रिसर्चर तीव कुमार सोनी ने वैज्ञानिक सिद्धांतो की मान्यता के लिये भारत सरकार को आवेदन प्रस्तुत किया है | रायपुर | छत्तीसगढ़, उड़ीसा , बंगाल में उल्कापिंड टकराने का रिसर्चर तीव कुमार सोनी का रिसर्च सही सिद्ध हुआ है | अमेरिका के NASA ने बताया की छत्तीसगढ़, उड़ीसा, बंगाल से उल्कापिंड टकरा सकता है | रिसर्चर तीव कुमार सोनी ने दिनांक 16.07.2023 को भारत सरकार को प्राकृतिक आपदा नियंत्रण का वैज्ञानिक सिद्धांत बताया की पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र में परिवर्तन होने के कारण भारत के उड़ीसा बंगाल में उल्कापिंड ( एस्टेरायड ) टकरा सकते है | रिसर्चर तीव कुमार सोनी के रिसर्च को देख कर अमेरिका के NASA ने 02 साल तक रिसर्च किया जिसके बाद वर्ष 2025 में अमेरिका के NASA ने बताया की भारत के छत्तीसगढ़, उड़ीसा , बंगाल से उल्कापिंड टकरा सकता है जिससे रिसर्चर तीव कुमार सोनी का रिसर्च सही सिद्ध हुआ है | रिसर्चर तीव कुमार सोनी ने वैज्ञानिक सिद्धांत की मान्यता हेतू भारत सरकार को आवेदन प्रस्तुत किया है |
रिसर्चर तीव कुमार सोनी के भूकंप, वाईरस, तूफ़ान ,जलप्रलय के 100 रिसर्च सही सिद्ध हो गए है
रिसर्चर तीव कुमार सोनी के सभी रिसर्च एक एक कर सही साबित होते जा रहे है | भारत सरकार को प्रस्तुत किये गए उनके 100 वैज्ञानिक रिसर्च सही सिद्ध हो गए है | उनके रिसर्चो को उनके वेबसाईट https://tivkumarsoni.in में देखा जा सकता है | उन्होंने भारत सरकार को वैज्ञानिक सिद्धांत बताया है की सूर्यग्रहण के कारण सूर्य के विद्युत चुम्बकीय बल डिस्टर्ब हो जाता है जिस कारण पृथ्वी पर वाईरस, महामारी, भूकंप, तूफ़ान, जलप्रलय प्राकृतिक आपदा उत्पन्न होते है और सूर्य के विद्युत चुम्बकीय बल के द्वारा वाईरस, महामारी, भूकंप, तूफ़ान, जलप्रलय प्राकृतिक आपदा को रोका जा सकता है | उनके वैज्ञानिक सिद्धांतो की मान्यता के लिये भारत सरकार को आवेदन प्रस्तुत किया है