पृथ्वी के दक्षिण पूर्वी क्षेत्र टोंगा में 7 तीव्रता का भूकंप आने का रिसर्चर तीव कुमार सोनी का रिसर्च सही सिद्ध हुआ है | पृथ्वी के दक्षिण पूर्वी क्षेत्र टोंगा में 7 तीव्रता का भूकंप आया है | रिसर्चर तीव कुमार सोनी ने वैज्ञानिक सिद्धांतो की मान्यता के लिये भारत सरकार को आवेदन प्रस्तुत किया है |

पृथ्वी के दक्षिण पूर्वी क्षेत्र टोंगा में 7 तीव्रता का भूकंप आने का रिसर्चर तीव कुमार सोनी का रिसर्च सही सिद्ध हुआ है | पृथ्वी के दक्षिण पूर्वी क्षेत्र टोंगा में 7 तीव्रता का भूकंप आया है | रिसर्चर तीव कुमार सोनी ने वैज्ञानिक सिद्धांतो की मान्यता के लिये भारत सरकार को आवेदन प्रस्तुत किया है |
रायपुर | पृथ्वी के दक्षिण पूर्वी क्षेत्र टोंगा में 7 तीव्रता के भूकंप आने का रिसर्चर तीव कुमार सोनी का रिसर्च सही सिद्ध हुआ है | पृथ्वी के दक्षिण पूर्वी क्षेत्र टोंगा में 7 तीव्रता का भूकंप आया है | रिसर्चर तीव कुमार सोनी ने वर्ष 2024 में सौर तूफ़ान का रिसर्च कर दिनांक 20.05.2024 को भारत सरकार को भूकंप का वैज्ञानिक सिद्धांत बताया की सौर तूफ़ान से सूर्य का विद्युत चुम्बकीय बल डिस्टर्ब होने से पृथ्वी के दक्षिण पूर्वी क्षेत्र टोंगा में 7 तीव्रता के भूकंप आयेंगे | सौर तूफ़ान के कारण से वर्ष 2024 में पृथ्वी के दक्षिण पूर्वी क्षेत्र टोंगा में 7 तीव्रता का भूकंप आना निश्चित हो चुका था परन्तु पृथ्वी की नियंत्रक शक्तिया बलवान थी इसलिए वे भूकंप को रोके हुए थे जिस कारण से भूकंप नहीं आ पाया था | अब 29.03.2025 के सूर्यग्रहण होने पर पृथ्वी की नियंत्रक शक्तिया कमजोर हो गयी जिस कारण से 09 माह के बाद 28.03.2025 को पृथ्वी के दक्षिण पूर्वी क्षेत्र टोंगा में 7 तीव्रता का भूकंप आया है जिससे रिसर्चर तीव कुमार सोनी का रिसर्च सही सिद्ध हुआ है | उन्होंने वैज्ञानिक सिद्धांत की मान्यता हेतू भारत सरकार को आवेदन प्रस्तुत किया है | रिसर्चर तीव कुमार सोनी के वैज्ञानिक सिद्धांत के द्वारा भूकंप को पहले से जाना जा सकता है और भूकंपों को रोका जा सकता है |रिसर्चर तीव कुमार सोनी के भूकंप, वाईरस, तूफ़ान ,जलप्रलय के 100 रिसर्च सही सिद्ध हो गए है
रिसर्चर तीव कुमार सोनी के सभी रिसर्च एक एक कर सही साबित होते जा रहे है | भारत सरकार को प्रस्तुत किये गए उनके 100 वैज्ञानिक रिसर्च सही सिद्ध हो गए है | उनके रिसर्चो को उनके वेबसाईट https://tivkumarsoni.in में देखा जा सकता है | उन्होंने भारत सरकार को वैज्ञानिक सिद्धांत बताया है की सूर्यग्रहण के कारण सूर्य के विद्युत चुम्बकीय बल डिस्टर्ब हो जाता है जिस कारण पृथ्वी पर वाईरस, महामारी, भूकंप, तूफ़ान, जलप्रलय प्राकृतिक आपदा उत्पन्न होते है और सूर्य के विद्युत चुम्बकीय बल के द्वारा वाईरस, महामारी, भूकंप, तूफ़ान, जलप्रलय प्राकृतिक आपदा को रोका जा सकता है | उनके वैज्ञानिक सिद्धांतो की मान्यता के लिये भारत सरकार को आवेदन प्रस्तुत किया है