भरतनाट्यम नृत्यांगना मालविका नायर ने जीता नटवर गोपीकृष्ण राष्ट्रीय पुरस्कार 2026
15 वर्षों की नृत्य-साधना को मिला सम्मान, ‘देव देवम् भजे’ की प्रस्तुति ने दिलाई राष्ट्रीय स्तर पर
भरतनाट्यम की प्रतिभाशाली नृत्यांगना मालविका नायर ने 19वें नटवर गोपीकृष्ण राष्ट्रीय पुरस्कार, अखिल भारतीय नृत्य एवं संगीत प्रतियोगिता तथा नृत्यानंदलहरी फेस्ट में नटवर गोपीकृष्ण राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 जीतकर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उनकी इस सफलता को भारतीय शास्त्रीय नृत्य के प्रति समर्पण, निरंतर साधना और गुरु के मार्गदर्शन का परिणाम माना जा रहा है।
इस प्रतिष्ठित आयोजन का आयोजन ऑल इंडिया डांसर्स एसोसिएशन (AIDA) द्वारा किया गया। कार्यक्रम को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय तथा नवीन शासकीय संगीत महाविद्यालय, दुर्ग का सहयोग प्राप्त हुआ।
प्रतियोगिता में मालविका नायर ने भरतनाट्यम श्रेणी में संत अन्नमाचार्य के कीर्तन ‘देव देवम् भजे’ की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। उनकी नृत्य-साधना और शास्त्रीय शैली के प्रति समर्पण ने उनकी कला-यात्रा को एक नई पहचान दिलाई।
मालविका ने भरतनाट्यम में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है और वे पिछले 15 वर्षों से इस शास्त्रीय नृत्य का नियमित प्रशिक्षण ले रही हैं। उनकी कला को निखारने में गुरु डॉ. जी. रतीश बाबू का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन रहा है। गुरु के निर्देशन में उन्होंने नृत्य की बारीकियों, भावाभिव्यक्ति और प्रस्तुति की परंपरागत शैली को आत्मसात किया है।
मालविका नायर, सी. मधु नायर एवं विजयलक्ष्मी नायर की सुपुत्री हैं। इस राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित होने पर उन्होंने अपने गुरु के मार्गदर्शन तथा माता-पिता के निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी कला-यात्रा में गुरु और परिवार के योगदान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
मालविका की यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत नृत्य-साधना का सम्मान है, बल्कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा के प्रति युवा पीढ़ी के बढ़ते समर्पण का भी उदाहरण है। राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त यह सम्मान उनके कलात्मक सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा।












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