
*सिकासार–कोडार नहर लिंक परियोजना से गरियाबंद एवं महासमुंद दोनों जिलों के किसानों को मिलेगा लाभ: प्रो. (डॉ.) संजीव कर्मकार “वशिष्ठ”*
*रिपोर्ट – नागेश्वर मोरे गरियाबंद*
गरियाबंद- भारतीय जनता पार्टी (शिक्षा प्रकोष्ठ) गरियाबंद जिला कार्यसमिति की बैठक जिला संयोजक डॉ. पन्नालाल देवदास के संयोजन में प्रदेश सह संयोजक प्रोफेसर (डॉ.) संजीव कर्मकार “वशिष्ठ” की उपस्थिति में संपन्न हुई।
बैठक के दौरान गरियाबंद जिले के किसान प्रतिनिधियों एवं प्रमुख किसानों ने सिकासार–कोडार नहर लिंक परियोजना के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। किसानों के बीच यह भ्रांति थी कि इस परियोजना का लाभ केवल महासमुंद जिले को मिलेगा तथा गरियाबंद के किसानों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।
इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) संजीव कर्मकार “वशिष्ठ” जिन्होंने इस 47 वर्षो से लंबित इस परियोजना को चुनाव 2023 के भाजपा घोषणा पत्र में संगठन के माध्यम से शामिल कर अब तक की स्थिति को देख रहे है ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 90 किलोमीटर लंबी यह महत्वाकांक्षी नहर लिंक परियोजना चरणबद्ध तरीके से विकसित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में लगभग 3 मीटर व्यास की स्टील पाइपलाइन भूमि से लगभग 10–15 फीट नीचे बिछाई जाएगी। इस चरण के लिए लगभग ₹3000 करोड़ की राशि स्वीकृत की जा चुकी है।
द्वितीय चरण में सोना एवं आमानाला में बैराज बनाकर अतिरिक्त जल को सिकासार जलाशय में पहुंचाया जाएगा, जिससे बोरीद, सोरीद सहित लगभग 18 ग्रामों को सिंचाई एवं जल उपलब्धता का लाभ प्राप्त होगा।
तृतीय चरण में पाइपलाइन के प्रारंभिक हिस्से से ही गरियाबंद क्षेत्र में लगभग 200 से 500 मीटर की दूरी पर चेंबर निर्मित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इस प्रणाली में कंप्यूटर संचालित कंट्रोलिंग सिस्टम CADA के माध्यम से होगा.
चतुर्थ चरण में इस पाइपलाइन का विस्तार महासमुंद जिले के कोडार से साकरा जोक तक किया जाएगा, जिससे झलप एवं पिथौरा क्षेत्र के किसानों को भी सिंचाई हेतु पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा।
प्रो. कर्मकार ने स्पष्ट किया कि यह परियोजना केवल किसी एक जिले के लिए नहीं, बल्कि गरियाबंद एवं महासमुंद दोनों जिलों के किसानों की कृषि सिंचाई आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसलिए किसानों को किसी भी प्रकार की भ्रांति या अफवाह पर विश्वास नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल एक महत्वपूर्ण जनहितकारी योजना है। इसके पूर्ण होने पर दोनों जिलों के किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी तथा कृषि उत्पादन, समृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी।
बैठक में उपस्थित सभी किसानों से आह्वान किया गया कि वे इस ऐतिहासिक परियोजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करें तथा इस योजना से संबंधित किसी भी प्रकार के भ्रम से दूर रहकर विकास कार्यों में सहयोग प्रदान करें।
इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शिक्षा प्रकोष्ठ प्रदेश सहसंयोजक प्रोफेसर संजीव कर्मकार वशिष्ठ, जिला संयोजक डॉक्टर मुन्नालाल देवदास, अशोक मिश्रा, मोतीलाल साहू,नागेश्वर मोरे,एकादशी देवांगन, फिरंगी राम पटेल, हेमकुमार साहू, हृदय राम निर्मलकर, केशर कुमार निर्मलकर, महेश्वर सिन्हा, प्रभु राम सोरी,शिवशंकर देवांगन, दयाराम नागेश, खोवेंद्र यादव आदि उपस्थित रहे।







Leave a Reply