छत्तीसगढ़ के ठेकेदारों ने सरकार के सामने रखी समस्याएं 
रायपुर: छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों में निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों की समस्याओं को लेकर छत्तीसगढ़ कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव को ज्ञापन सौंपा है। एसोसिएशन का आरोप है कि विभागों द्वारा समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
*क्या हैं समस्याएं?*
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने बताया कि ठेकेदारों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें से कुछ प्रमुख समस्याएं निम्नलिखित हैं: 
– *भुगतान में देरी*: विभागों द्वारा समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है।
– *जीएसटी इनपुट में कटौती*: पहले 28% जीएसटी इनपुट मिलता था, जो अब घटकर 18% हो गया है, और वह भी नहीं मिल रहा है।
– *गौण खनिज रायल्टी में अत्यधिक वसूली*: जिला कलेक्टरों के निर्देश पर ठेकेदारों से 4 से 5 गुना अधिक रॉयल्टी वसूली जा रही है।
– *एसओआर में असमानता*: रोड और ब्रिज के लिए नया एसओआर लागू किया गया है, लेकिन भवन निर्माण में पुराना एसओआर लागू है। 
– *जलजीवन मिशन में समस्याएं*: इस मिशन के तहत टंकियों के निर्माण में स्थानीय सरपंचों का हस्तक्षेप और विभागीय अधिकारियों का सहयोग न करने से अनावश्यक विलंब हो रहा है, और निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी 70% भुगतान करने की जानकारी दी जा रही है।
छत्तीसगढ़ कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन ने इन समस्याओं को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव और लोक निर्माण विभाग के ENC को 10 बिंदुओं पर ज्ञापन सौंपा है,
जिसमें इन समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने पत्रकार वार्ता में इन मुद्दों को उठाया और ठेकेदारों की मांगों के बारे में बताया।
*क्या है मांग?*
एसोसिएशन ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव और लोक निर्माण विभाग के ENC को 10 बिंदुओं पर ज्ञापन सौंपा है, जिसमें इन समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई है। एसोसिएशन का कहना है कि यदि इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो ठेकेदारों को मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा।
*ज्ञापन सौंपने वालों में शामिल*
ज्ञापन सौंपने वालों में अनिल चंसोरिया, केपी मिश्रा, विनीत सिंह, आशीष श्रीवास्तव, नरेंद्र ठाकुर, सुरेश मिश्रा, राजेश शुक्ला, राकेश जोशी, अशोक पंजवानी, उमाकांत बाजपेयी, योगेश सोनी, निखिल दाऊ, नितिन ठाकुर सहित प्रदेशभर के ठेकेदार मौजूद थे।






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