ब्रेकिंग न्यूज: छत्तीसगढ़ मे करोड़ों के तेंदूपत्ता घोटाले, घपले और चोरी के आरोपी ठेकेदार सुधीर कुमार मानेक को बचाने SP मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी IPS यशपाल सिंह और राजनांदगांव SP का दबाव, कोतवाली पुलिस ने छोड़ा …ऑडियो हुआ वायरल ,

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**ब्रेकिंग न्यूज: छत्तीसगढ़ मे करोड़ों के तेंदूपत्ता घोटाले, घपले और चोरी के आरोपी ठेकेदार सुधीर कुमार मानेक को बचाने SP मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी IPS यशपाल सिंह और राजनांदगांव SP का दबाव, कोतवाली पुलिस ने छोड़ा**ऑडियो हुआ वायरल ,

 

रायपुरछत्तीसगढ़ के बीजापुर और राजनांदगांव जिलों में ₹5.13 करोड़ के तेंदूपत्ता घोटाले और 94 लाख का तेंदूपत्ता गोदाम से पार करने के मुख्य आरोपी ठेकेदार सुधीर कुमार मानेक को आज सुबह राजनांदगांव कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया था, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के SP यशपाल सिंह और राजनांदगांव के SP ने थानेदार रामेंद्र सिंह पर दबाव डालकर मानेक को तत्काल रिहा करवा दिया। सूत्रों के अनुसार, कोतवाली पुलिस ने मानेक को कोर्ट भेजने की तैयारी कर ली थी, लेकिन दोनों SP के हस्तक्षेप के बाद उसे छोड़ दिया गया। इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली और बड़े घोटालेबाजों को संरक्षण देने के आरोपों को हवा दी है।

शहर में सुगबुगाहट है कि दोनों IPS ने बड़ा ही धन लाभ प्राप्त कर के ऐसा मौखिक निर्देश जारी किया है ।

**पुलिस की संदिग्ध भूमिका**
आज सुबह कोतवाली पुलिस, राजनांदगांव ने मानेक को FIR क्रमांक 0305/2025 (19 जून 2025) के तहत गिरफ्तार किया था, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2) (आपराधिक विश्वासघात), 316(5) (धोखाधड़ी), और 61(2) (आपराधिक साजिश) के आरोप हैं। थानेदार रामेंद्र सिंह ने मानेक को कोर्ट में पेश करने की तैयारी की, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, SP यशपाल सिंह (मोहला-मानपुर) और राजनांदगांव के SP ने थानेदार पर दबाव डाला और मानेक को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया। मानेक की अग्रिम जमानत याचिका छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में लंबित है, जिसकी सुनवाई जल्द होने की संभावना है।

### **वन विभाग और पुलिस की मिलीभगत**

SPs का दबाव और सवालों में पुलिस

जब छोटे-मोटे चोरी के आरोपियों को तुरंत जेल भेज दिया जाता है, वहीं ₹5.13 करोड़ के घोटाले के आरोपी को दो जिलों के SP का संरक्षण प्राप्त होना गंभीर सवाल खड़े करता है। मोहला-मानपुर में मानेक ने अपने तीन कर्मचारियों पर नक्सली लेवी का झूठा आरोप लगाकर उन्हें जेल भिजवाया (FIR 03/2024, मदनवाड़ा थाना), जिसमें SP यशपाल सिंह और अन्य अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है।

 

आगे क्या ?

मानेक की अग्रिम जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई होने वाली है। इस बीच, SP यशपाल सिंह और राजनांदगांव SP की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। क्या यह मामला छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को नई दिशा देगा, या फिर बड़े घोटालेबाजों को संरक्षण देने की परंपरा जारी रहेगी? जनता की निगाहें अब EOW, ACB, और हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।

 

**नोट**: यह घोटाला छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग का गंभीर मामला है।

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