खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंध में रसोइयों व समूहों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम दंतेवाड़ा में आयोजित हुआ।

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खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंध में रसोइयों व समूहों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम दंतेवाड़ा में आयोजित हुआ

• भारत सरकार के भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन (फास्टैक) ने प्रशिक्षण दिया।

दंतेवाड़ा
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग एवं शिक्षा विभाग दंतेवाड़ा के संयुक्त तत्वाधान में जिले अंतर्गत प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूल में मध्यान्ह भोजन रसोइयों एवं स्वच्छता समूह के सदस्यों को भारत सरकार के भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन (फास्टैक) खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण योजना अंतर्गत जिला स्तरीय प्रशिक्षण स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय दंतेवाड़ा में प्रदान किया गया।

इस प्रशिक्षण में रसोइयों एवं समिति समूह के सदस्यों को स्कूल के बच्चों को मध्यान्ह भोजन दिए जाने हेतु आवश्यक खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता भोजन के गुणवत्ता फोर्टीफाइड खाद्य पदार्थ का उपयोग आदि के संबंध में तथा स्वच्छ वातावरण में भोजन निर्माण करने हेतु जानकारी दिया गया।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक विशेषज्ञ मनोज काले ने पीपीटी के माध्यम से डेमो दिखाते हुए प्रशिक्षण प्रदान किया। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि अधिकारी दंतेवाड़ा सुमित देवांगन ने खाद्य पदार्थों का स्वादिष्ट, पोषण, कीटाणु से बचाव, स्वच्छता के बारे में जानकारी दी।

उनको स्पष्ट निर्देश भी दिया गया कि मध्यान भोजन बच्चों को खिलाने से पूर्व स्वयं यह स्कूल के किसी शिक्षक से भोजन चख कर ही बच्चों को खिलाया जाए। भोजन बनाने में उपयोग होने वाले तेल, नमक, चावल, पैकेज एवं अन्य उत्पाद को फोर्टीफाइड खाद्य पदार्थों से बनाने में प्राथमिकता दी जाए, ताकि बच्चों को आवश्यक विटामिन एवं मिनरल की कमी को पूरा करने में सहयोग मिल सके। बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए यदि सोया बड़ी का उपयोग किया जा रहा हो तो सावधानीपूर्वक किया जाए ताकि बच्चे फूड प्वाइजनिंग से बचे रहे एवं अन्य खाद्य पदार्थों को भी आगामी बड़ी मौसम को ध्यान में रखते हुए भोजन निर्माण में उपयोग किया जाए।

इस दौरान उनका स्वयं की स्वच्छता, भोजन निर्माण हेतु किचन की स्वच्छता, खाद्य पदार्थों का स्वच्छता, खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता, पीने का पानी का गुणवत्ता, रसोइयों का स्वास्थ्य चिकित्सा पर भी ध्यान देने के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के चारों विकास खंडों दंतेवाड़ा, गीदम, कुआकोंडा एवं काटेकल्याण के माध्यम भोजन रसोइयों, स्वच्छता समूह सदस्यों, खाद्य संबंधी संस्थाओं के रसोइयों एवं सदस्यों प्रशिक्षण प्राप्त किया।

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