कमार जनजाति के बांस बर्तन पुश्तैनी व्यवसाय को अब तक नहीं मिला शासकीय बाजार…

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औने पौने दाम में बेचने को मजबूर उत्पाद सांसद ने की पहल, लोकसभा में उठाया मुद्दा

रिपोर्ट ;- नागेश्वर मोरे जिला संवाददाता सर्वोच्च छत्तीसगढ़ न्यूज़ देवभोग

गरियाबंदवर्षों से अत्यंत पिछड़ी कमार जनजाति के लोग बांस बर्तन का व्यवसाय करते आ रहे हैं, लेकिन व्यवसाय के लिए उचित बाजार उपलब्ध नहीं होने के कारण इन्हें ओने पौने दाम में अपना उत्पाद बेचना पड़ता है, मांग तो ये वर्षों से कर रहे हैं कि शासकीय बाजार उपलब्ध हो। लेकिन अभी तक शासन प्रशासन ने सही तरीके से इस पर ध्यान दिया, जिसके चलते आज भी बांस बर्तन के व्यवसाय के लिए बाजार का अभाव है।

इस मामले को हाल में महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के सांसद चुन्नीलाल साहू ने भी संसद में उठाया है। दरअसल जब सांसद साहू को इस बात की जानकारी मिली तो उन्होने तुरंत इस मुद्दे को लोकसभा के पटल में रखा। संसद में उन्होने महासमुंद और गरियाबंद जिले में निवासरत अत्यंत पिछड़ी कमार जनजाति के लोगो के जीवनशैली और इनके पुश्तैनी बांस बर्तन के व्यवसाय पर फोकस किया। सांसद की पहल के बाद इस मामले में कार्रवाई होनी शुरू हुई है। केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्री मंत्री अर्जुन मुंडा ने इस मामले को संज्ञान में लिया है।

केन्द्रीय मंत्री ने सांसद से पत्राचार कर इस मामले में राज्य कार्यान्वयन ऐजेंसी के माध्यम से बांस के विकास के लिए नए वीडीवीके प्रस्ताव मंगाने की जानकारी दी है। उल्लेखनीय है कि अधिकारिक जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद जिले के वनांचल क्षेत्र में बड़ी संख्या में पिछड़ी कमार जनजाति के लोग निवास करते हैं। इनकी संख्या करीब 20 हजार से अधिक है।

गरियाबंद जिले में गरियाबंद, छुरा, मैनपुर, तथा महामसुंद जिले में महामसमुंद और बागबाहरा ब्लाक में के अलावा धमतरी जिले में नगरी और मगरलोड में भी कमार जनजाति के परिवार निवासरत है। इनके समुचित विकास के लिए कमार विकास अभिकरण का भी गठन किया गया है। केंद्र सरकार विकास कार्यों के लिए फंड मुहैया कराती है।

आज भी वनांचल में रहने वाले कमार जनजाति के लोगो के बेहतर विकास और उन्हे समाज के मुख्य धारा जुड़े इसके लिए इनके रोजगार और आय के साधन को मजबुत करने की जरूरत है। इसे देखते सांसद चुन्नीलाल साहू ने लोकसभा में मुद्दा उठाया है। उन्होने सरकार से बांस उत्पादो के विनिर्माण और इनके उत्पादो के लिए बाजार उपलब्ध कराने की मांग की। सांसद चुन्नीलाल साहू ने बताया कि केन्द्रीय जनजाति मंत्री अर्जुन मुंडा ने पत्राचार कर बताया कि सरकार द्वारा वीडीवीकेसी समुह को बांस को अपनी आजिविका गतिविधि में शामिल करने की सलाह दी जाएगी। इसके साथ ही ट्राइफेड राज्य कार्यान्वयन ऐजेंसी, सीजीएमएफपी संघ से महासमुंद और गरियाबंद जिलो की कमार अनुसुचित जनजाति द्वारा विशेष रूप से बांस के विकास के लिए नए वीडीवीके प्रस्वाव मंगाने की भी जानकारी दी।

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