
*रावत-ठेठवार जाति प्रमाण पत्र के मुद्दे पर दिल्ली में यादव समाज की निर्णायक पहल*
*सामाजिक न्याय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा से चर्चा के बाद विभागीय सचिव संकेत अग्रवाल से प्रतिनिधिमंडल की अहम मुलाकात, समस्याओं के शीघ्र समाधान का मिला आश्वासन*
*रिपोर्ट – नागेश्वर मोरे गरियाबंद*
*नई दिल्ली-* छत्तीसगढ़ में अहीर जाति के अंतर्गत आने वाले रावत एवं ठेठवार समाज के लोगों को जाति प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही प्रशासनिक एवं व्यावहारिक कठिनाइयों के समाधान को लेकर सर्व यादव समाज छत्तीसगढ़ ने अब केंद्र स्तर पर अपनी पहल तेज कर दी है। इसी सिलसिले में समाज का प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष श्री रमेश यदु के नेतृत्व में नई दिल्ली पहुंचा और केंद्र सरकार के मंत्रियों तथा संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर इस लंबे समय से चले आ रहे विषय के स्थायी समाधान की मांग रखी।
प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में भारत सरकार के शहरी विकास राज्य मंत्री श्री तोखन साहू तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा से मुलाकात कर रावत एवं ठेठवार समाज के जाति प्रमाण पत्र से संबंधित समस्याओं और विसंगतियों को विस्तारपूर्वक उनके समक्ष रखा। समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि जाति प्रमाण पत्र से जुड़ी प्रशासनिक एवं अभिलेखीय विसंगतियों के कारण अनेक पात्र लोगों को केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश, सरकारी सेवाओं, रोजगार तथा केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
*मंत्री बी.एल. वर्मा से चर्चा के बाद सचिव से महत्वपूर्ण मुलाकात*
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा से चर्चा के बाद उनके निर्देश पर सर्व यादव समाज छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रालय के सचिव श्री संकेत अग्रवाल से मुलाकात की। बैठक में समाज की ओर से जाति प्रमाण पत्र से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं को दस्तावेजों, प्रस्तावों एवं उदाहरणों के साथ विस्तार से रखा गया।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में रावत जाति को अहीर जाति के उपवर्ग के रूप में मान्यता तथा केंद्रीय पिछड़ा वर्ग सूची से संबंधित स्थिति को लेकर व्यावहारिक स्तर पर उत्पन्न हो रही अस्पष्टताओं के कारण कई पात्र लोगों को केंद्रीय स्तर पर जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
समाज का कहना है कि इस समस्या का प्रभाव विशेष रूप से विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, सरकारी नौकरी के अभ्यर्थियों तथा केंद्र सरकार की योजनाओं के पात्र हितग्राहियों पर पड़ रहा है।
*नवोदय प्रवेश और सरकारी नौकरी में सामने आईं समस्याएं*
प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में बताया कि हाल ही में नवोदय विद्यालय में प्रवेश के दौरान भी कुछ विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ा। इसके अलावा केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी सेवाओं की चयन प्रक्रिया में आगे बढ़ चुके कुछ अभ्यर्थियों के सामने भी प्रमाण पत्र से जुड़ी विसंगतियां सामने आईं।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि किसी विद्यार्थी या अभ्यर्थी की पात्रता होने के बावजूद केवल प्रमाण पत्र से संबंधित तकनीकी अथवा प्रशासनिक समस्या के कारण यदि उसे शिक्षा या रोजगार के अवसर से वंचित होना पड़े, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार से मांग की कि इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं तथा प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल और एकरूप बनाया जाए, ताकि पात्र लोगों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
*‘ठेठवार’ और ‘थेथेवार’ नाम की वर्तनी का मामला भी उठा*
बैठक के दौरान ठेठवार जाति के नाम की हिंदी अभिलेखों में अलग-अलग वर्तनी का विषय भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कई सरकारी एवं प्रशासनिक दस्तावेजों में ठेठवार जाति के नाम को ‘थेथेवार’ लिखे जाने के कारण लोगों को जाति प्रमाण पत्र बनवाने और संबंधित योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
समाज की ओर से मांग की गई कि जाति के नाम से संबंधित इस प्रकार की अभिलेखीय एवं भाषाई विसंगति को दूर करने के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही दस्तावेजों में एकरूपता सुनिश्चित की जाए, ताकि केवल नाम की वर्तनी में अंतर के कारण पात्र व्यक्ति को प्रमाण पत्र प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
*लगभग एक वर्ष पहले भेजे जा चुके हैं दस्तावेज और प्रस्ताव*
प्रतिनिधिमंडल ने सचिव श्री संकेत अग्रवाल को यह भी अवगत कराया कि पूरे प्रकरण से संबंधित आवश्यक दस्तावेज एवं प्रस्ताव छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग तथा छत्तीसगढ़ शासन के पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के माध्यम से लगभग एक वर्ष पूर्व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, नई दिल्ली को भेजे जा चुके हैं।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि आवश्यक दस्तावेज और प्रस्ताव संबंधित स्तर तक पहुंचने के बावजूद अपेक्षित निर्णय नहीं होने से समाज के लोगों की समस्याएं लगातार बनी हुई हैं। इसलिए अब इस प्रकरण पर उच्चस्तरीय विचार-विमर्श कर जल्द स्पष्ट निर्णय लिया जाना आवश्यक है।
*सचिव संकेत अग्रवाल ने दिया शीघ्र कार्रवाई का भरोसा*
प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रस्तुत सभी बिंदुओं को सचिव श्री संकेत अग्रवाल ने गंभीरता से सुना। बैठक के दौरान उन्होंने प्रकरण से जुड़े प्रशासनिक एवं विभागीय पहलुओं की जानकारी भी प्रतिनिधिमंडल से ली।
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, सचिव श्री अग्रवाल ने आश्वस्त किया कि इस विषय को संबंधित स्तर पर शीघ्र चर्चा एवं बैठक के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा तथा आवश्यक निर्णय की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से इस विषय में लगातार संपर्क बनाए रखने की बात भी कही।
सचिव के इस आश्वासन के बाद समाज के प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि केंद्र एवं राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर रावत एवं ठेठवार समाज से जुड़े जाति प्रमाण पत्र के विषय का जल्द सकारात्मक एवं स्थायी समाधान निकाला जाएगा।
*महाप्रभु श्री जगन्नाथ की प्रतिमा भेंट*
मुलाकात के अंत में सर्व यादव समाज छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल की ओर से सचिव श्री संकेत अग्रवाल को महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की प्रतिमा भेंट की गई। प्रतिमा प्राप्त करने पर श्री अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त किया।
*समाज के लिए शिक्षा और रोजगार से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय*
सर्व यादव समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि रावत एवं ठेठवार जाति प्रमाण पत्र का विषय केवल एक दस्तावेज प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध समाज के विद्यार्थियों की शिक्षा, युवाओं के रोजगार, केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश और पात्र हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने से है।
प्रतिनिधिमंडल ने केंद्र सरकार से मांग की कि पूरे प्रकरण से संबंधित पूर्व में भेजे गए दस्तावेजों एवं प्रस्तावों का शीघ्र परीक्षण किया जाए और आवश्यक प्रशासनिक एवं नीतिगत कार्रवाई की जाए। साथ ही जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में मौजूद विसंगतियों को दूर कर पात्र लोगों के लिए प्रक्रिया को स्पष्ट, पारदर्शी एवं सुगम बनाया जाए।
समाज के प्रतिनिधियों ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र एवं राज्य सरकार के बीच समन्वय से इस लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान संभव है। दिल्ली में मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई मुलाकात को समाज ने इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक पहल बताया है।
*प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल*
प्रतिनिधिमंडल में सर्व यादव समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष श्री रमेश यदु के अलावा मनोज यादव, गजानंद यादव, विजय यादव, अजय यादव, मंजीत यादव, पवन यादव, कन्हैया यादव, अनूप यादव, धनमती यादव, श्रीमती गीता यादव एवं खिरोद्री यादव सहित समाज के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।









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