धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर जल्द होगा दूसरा कदम, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का बड़ा बयान

Spread the love

रायपुर.

धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 को लेकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि विधेयक का छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशन हो चुका है, अब अब उसके नियमों का प्रकाशन भी होगा. एक स्टेप हो चुका है, अब दूसरा स्टेप जल्द होगा.

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से चर्चा में कहा कि बस्तर में माओवाद वर्ग संघर्ष खड़ा नहीं कर पाया, लेकिन बस्तर के गांवों में धर्म संघर्ष खड़ा हो गया. जो काम माओवाद नहीं कर सका, वह धर्मांतरण ने कर दिया है. वहीं महादेव सट्टा एप मामले में विकास गर्ग की गिरफ्तारी पर गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा का अगर कोई व्यक्ति दिखेगा तो कठोर कार्रवाई होगी. महादेव सट्टा एप को कांग्रेस ने संरक्षण दिया था. राज्य सरकार इस मामले में काम कर रही है. बता दे कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विकास गर्ग को भाजपा पदाधिकारी बताते हुए सरकार पर निशाना साधा था.

धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम-2026 के अनुसार, बल, लालच, धोखाधड़ी से धर्म परिवर्तन कराने पर 7 से 10 साल की सजा के साथ दोषियों पर न्यूनतम 5 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है. महिला, नाबालिग, एससी/एसटी/ओबीसी पीड़ित होने पर 10 से 20 साल तक की सजा हो सकती है. यही नहीं सामूहिक धर्मांतरण पर आजीवन कारावास तक और 25 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. अधिनियम में धर्म परिवर्तन से 60 दिन पहले कलेक्टर को सूचना देना अनिवार्य किया गया है. सिर्फ धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से की गई शादी को शून्य घोषित किया जा सकेगा. इसके लिए हर जिले में विशेष अदालतें बनाए जाएगी. इसके साथ प्रकरण की सुनवाई 6 महीने में पूरी करना होगा. 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *