दिल्ली में ‘ आरक्षित वन क्षेत्र ‘ ओ जोन की भूमि सुरक्षित नहीं — अस्पताल, कालेज, स्कूल के नाम जमीन देने को तैयार नहीं है दिल्ली सरकार

Spread the love

दिल्ली में ‘ आरक्षित वन क्षेत्र ‘ ओ जोन की भूमि सुरक्षित नहीं
— अस्पताल, कालेज, स्कूल के नाम जमीन देने को तैयार नहीं है दिल्ली सरकार 
—दिल्ली के उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के मंत्री को ज्ञापन दिया गया
——-
नई दिल्ली, 9 अक्टूबर। दिल्ली के उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के मंत्री को एक ज्ञापन देकर राष्ट्रीय नागरिक पार्टी ने
दक्षिण दिल्ली लोक सभा क्षेत्र के अंतर्गत दस विधान सभाओं के गांव मैदान गढ़ी- छतरपुर, जैतपुर- मीठापुर गांव, देवली, संगम विहार, तुगलकाबाद, आयानगर, असौला,महरौली, बागनौली-शाहबाद मोहम्मद पुर, कापसहेडा एवम पालम विधान सभा क्षेत्र में जनसंख्या अनुसार 200 से 300 बिस्तर के अस्पताल बनाए जाने की मांग की है।
राष्ट्रीय नागरिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण कुमार गौतम ने कहा कि दिल्ली में विधान सभा स्तर पर अस्पताल, कालेज, स्कूल, आईटीआई, सामुदायिक केंद्र, सुलभ शौचालय, औद्योगिक इकाई, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, अग्निशमन सेवा स्टेशन, तथा अन्य मूलभूत सुविधाओ के लिए सरकार ध्यान नहीं दे रही है।

पार्टी अध्यक्ष गौतम ने दिल्ली के उपराज्यपाल, मंत्री प्रशिक्षण एवं तकनीकी और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, दिल्ली सरकार को लिखित रूप से पत्र भेजकर कहा कि इन मांगो से संबंधित ज्ञापन के बाद उन्हें महानिदेशालय स्वास्थ्य सेवायें, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार से उनकी पार्टी को दो पत्र प्राप्त हुए, जिसमें अवगत कराया गया कि महानिदेशालय स्वास्थ्य सेवायें को छतरपुर गांव में 47 वीघा 09 बिसवा भूमि पंचायत विभाग द्वारा अस्पताल निर्माण के लिए आबंटित की गयी थी।

परन्तु दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा बताया गया कि छतरपुर गांव में आवंटित भूमि ‘ आरक्षित वन क्षेत्र ‘ के अंतर्गत आती हैं। महानिदेशालय स्वास्थ्य सेवायें द्वारा उक्त भूमि के उपयोग में परिवर्तन के बहुत प्रयास किए गए परन्तु वह सफल नहीं हो सकें। इसलिए छतरपुर में 47 बीघा 09 बिसवा भूमि पंचायत विभाग द्वारा 200 बिस्तर वाले अस्पताल के आबंटित भूमि पर अस्पताल निर्माण योजना को बंद कर दिया गया था। अभी महानिदेशालय स्वास्थ्य सेवायें के पास दक्षिण दिल्ली लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत गांव मैदान गढ़ी- छतरपुर गांव में कोई भी ऐसी भूमि उपलब्ध नहीं हैं जिस पर 200 बिस्तर वाले अस्पताल को निमार्ण संभव हो सकें।

गौतम ने कहा कि महानिदेशालय स्वास्थ्य सेवायें ने अपने दूसरे पत्र में पार्टी को जैतपुर-मीठापुर गांव के बीच में 200 बेड के अस्पताल बनाने के संदर्भ में बताया कि महानिदेशालय स्वास्थ्य सेवायें को मोलडबन्द गांव, स्कूल के नजदीक में 3960 वर्ग मीटर भूमि पंचायत विभाग द्वारा अस्पताल निर्माण के लिए आबंटित की गयी थी। परन्तु दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा बताया गया की मोलडबन्द गांव में आबंटित भूमि ‘ ओ जोन ‘ के अंतर्गत आती हैं। महानिदेशालय स्वास्थ्य सेवायें द्वारा उक्त भूमि के उपयोग में परिवर्तन के बहुत प्रयास किए गए परन्तु वह सफल नहीं हो सकें।

इस लिये मोलडबन्द गांव, स्कूल के नजदीक में 3960 वर्ग मीटर भूमि पंचायत विभाग की आबंटित भूमि पर अस्पताल निर्माण योजना को बंद कर दिया गया। अभी महानिदेशालय स्वास्थ्य सेवायें द्वारा गांव जैतपुर-मीठापुर से 2-3 किलोमीटर की दूरी पर सरिता विहार में दिल्ली सरकार के एक अस्पताल का निर्माण किया जा रहा हैं। जिसके बनने के उपरांत गांव जैतपुर-मीठापुर सहित आसपास के निवासी वहां स्वास्थ्य सुविधाओ का लाभ लें सकेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *