
रिपोर्ट = नागेश्वर मोरे गरियाबंद
देवभोग-छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा संचालित ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत थाना देवभोग पुलिस ने रक्षाबंधन के पावन पर्व को एक अनोखे और जागरूकतापूर्ण अंदाज में मनाया। अभियान के तृतीय सप्ताह की गतिविधियों के क्रम में थाना देवभोग परिसर में ‘खाकी के साथ राखी’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से रक्षाबंधन के पवित्र बंधन को साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता से जोड़ते हुए नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर थाना देवभोग में पदस्थ महिला पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों तथा ब्रह्माकुमारी बहनों ने देवभोग के गणमान्य नागरिकों, व्यापारी संघ के पदाधिकारियों एवं पत्रकार साथियों को विशेष रूप से तैयार की गई साइबर थीम आधारित राखी पहनाई।
कार्यक्रम का उद्देश्य रक्षाबंधन के माध्यम से भाई-बहन के बीच सुरक्षा, विश्वास और जिम्मेदारी के पवित्र भाव को समाज की डिजिटल सुरक्षा से जोड़ना रहा। साइबर थीम वाली राखी के जरिए यह संदेश दिया गया कि जिस प्रकार राखी सुरक्षा और विश्वास के बंधन का प्रतीक है, उसी प्रकार डिजिटल युग में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह स्वयं, अपने परिवार और समाज को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने के लिए सतर्क एवं जागरूक रहे।
*साइबर ठगी के तरीकों से कराया अवगत*
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों, व्यापारी संघ के सदस्यों एवं पत्रकारों को फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट, OTP/UPI फ्रॉड, संदिग्ध लिंक, ऑनलाइन ठगी एवं फर्जी ऑनलाइन ऑफर जैसे साइबर अपराधों से बचने के उपायों की जानकारी दी गई।
पुलिस ने समझाया कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को डराकर, लालच देकर या झांसे में लेकर उनकी बैंकिंग एवं व्यक्तिगत जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन, मैसेज या लिंक पर बिना सत्यापन के भरोसा नहीं करना चाहिए।
साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल सहायता एवं शिकायत के लिए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने की अपील भी की गई।
*स्वयं जागरूक रहने के साथ दूसरों को भी जागरूक करने का संकल्प*

कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को साइबर अपराध से स्वयं बचने, अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को जागरूक करने तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने का सामूहिक संकल्प दिलाया गया।
थाना देवभोग पुलिस ने रक्षाबंधन के इस पवित्र अवसर को ‘सुरक्षा के बंधन’ से ‘साइबर सुरक्षा के संकल्प’ से जोड़ते हुए समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया.
“राखी का धागा सुरक्षा का वादा,
साइबर जागरूकता हर नागरिक की जिम्मेदारी।”
*पुलिस की नागरिकों से अपील*
गरियाबंद पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि डिजिटल दुनिया में किसी भी अनजान कॉल, मैसेज, लिंक या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। OTP, UPI PIN, ATM PIN, बैंकिंग पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। किसी संदिग्ध गतिविधि या साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराएं नहीं और तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
रक्षाबंधन के इस अवसर पर ‘खाकी के साथ राखी’ पहल ने सुरक्षा के पारंपरिक संदेश को डिजिटल युग की नई चुनौती—साइबर अपराध—से जोड़ते हुए नागरिकों को सतर्क, सुरक्षित और जागरूक रहने का संदेश दिया।









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