*कांग्रेस की आदिवासी हितैषी होने की नौटंकी पर भाजपा का करारा प्रहार* *अनिल चंद्राकर बोले—“आदिवासी समाज को वोट बैंक समझने वाली कांग्रेस भाजपा को आदिवासी सम्मान का पाठ न पढ़ाए”*

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रिपोर्ट – नागेश्वर मोरे गरियाबंद

 

गरियाबंद- विश्व आदिवासी दिवस को लेकर कांग्रेस की ओर से जारी बयान पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल चंद्राकर ने कांग्रेस पर आदिवासी समाज को लंबे समय तक केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस की आदिवासी हितैषी होने की राजनीतिक नौटंकी अब प्रदेश का आदिवासी समाज अच्छी तरह समझ चुका है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस आज भाजपा को आदिवासी सम्मान का पाठ पढ़ाने निकली है, जो हास्यास्पद है।

भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए और जनता को यह बताना चाहिए कि दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद आदिवासी समाज के हित, अधिकार, सम्मान और विकास के लिए उन्होंने क्या ठोस कार्य किए। उन्होंने कहा कि आज जब भाजपा सरकार आदिवासी समाज के सम्मान, अधिकार और विकास को प्राथमिकता देते हुए लगातार काम कर रही है, तब कांग्रेस नेता राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए बेबुनियाद आरोपों का सहारा ले रहे हैं।

“भाजपा को कांग्रेस से आदिवासी सम्मान की सीख लेने की जरूरत नहीं”

अनिल चंद्राकर ने कहा कि भाजपा को आदिवासी समाज के सम्मान की सीख कांग्रेस से लेने की आवश्यकता नहीं है। भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा आदिवासी समाज के महान नायकों, स्वतंत्रता सेनानियों और जननायकों के संघर्ष और बलिदान को सम्मान दिया है।

उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह और गुंडाधुर जैसे महान आदिवासी नायकों के संघर्ष, त्याग और बलिदान को भाजपा ने सदैव सम्मान दिया है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों को चुनाव के समय आदिवासी महापुरुषों की याद आती है, उन्हें भाजपा को आदिवासी सम्मान का प्रमाणपत्र बांटने से पहले अपने शासनकाल का हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए।

“आदिवासी गौरव को चुनावी भाषण तक सीमित नहीं रखा”

भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने आदिवासी गौरव को केवल चुनावी भाषणों का विषय नहीं बनाया, बल्कि देश के महान आदिवासी नायकों के सम्मान को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय आदिवासी समाज के महान नायकों के प्रति सम्मान का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह बात इसलिए चुभ रही है क्योंकि जिस विषय को कांग्रेस दशकों तक वह सम्मान नहीं दे सकी, भाजपा सरकार ने उसे राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान और गौरव के साथ आगे बढ़ाया।

विश्व आदिवासी दिवस के विरोध का आरोप पूरी तरह निराधार : चंद्राकर

अनिल चंद्राकर ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस के आयोजन को लेकर भाजपा पर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह झूठे और राजनीतिक कुंठा से प्रेरित हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा आदिवासी समाज के खिलाफ नहीं, बल्कि आदिवासी समाज को केवल वोट बैंक समझने वाली राजनीति के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं आदिवासी समाज से आते हैं और उनके नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रों के विकास तथा आदिवासी समाज के हितों को प्राथमिकता दे रही है। ऐसे में कांग्रेस नेताओं द्वारा आदिवासी समाज के नाम पर राजनीतिक घड़ियाली आंसू बहाना जनता को गुमराह करने की असफल कोशिश है।

उन्होंने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि यदि कांग्रेस को वास्तव में आदिवासी समाज की चिंता है तो वह अपने शासनकाल का रिपोर्ट कार्ड लेकर जनता के बीच जाए। केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा पर आरोप लगाने से आदिवासी समाज का विकास नहीं होगा।

“आदिवासी समाज किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं”

भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल चंद्राकर ने कहा कि आदिवासी समाज किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं है और न ही कांग्रेस के नेता आदिवासी समाज के ठेकेदार हैं। आदिवासी समाज स्वाभिमानी, जागरूक और अपने हित-अहित को समझने वाला समाज है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस जितना अधिक झूठ और भ्रम फैलाने का प्रयास करेगी, उतना ही उसका राजनीतिक चेहरा जनता के सामने उजागर होगा। आदिवासी समाज अब राजनीतिक नारों और चुनावी वादों से आगे बढ़कर अपने अधिकार, सम्मान और विकास के आधार पर निर्णय लेने में सक्षम है।

“कांग्रेस पहले इतिहास पढ़े, फिर भाजपा को ज्ञान दे”

अनिल चंद्राकर ने कहा कि जल, जंगल, जमीन, संस्कृति, परंपरा और स्वाभिमान आदिवासी समाज की पहचान हैं और भाजपा इन सभी के सम्मान तथा संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कांग्रेस से आदिवासी समाज को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना बंद करने की अपील की।

उन्होंने दो टूक कहा कि कांग्रेस नेताओं को आदिवासी समाज को गुमराह करने की राजनीति बंद करनी चाहिए। आदिवासी समाज के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाने से कांग्रेस का खोया जनाधार वापस नहीं आने वाला।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने आदिवासी महापुरुषों को सम्मान दिया है, आदिवासी समाज के गौरव को सम्मान दिया है और भविष्य में भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ आदिवासी समाज के साथ खड़ी रहेगी।

“राजनीतिक हताशा का परिणाम है कांग्रेस की बयानबाजी”

भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस की वर्तमान बयानबाजी राजनीतिक हताशा का परिणाम है। कांग्रेस को हर जनकल्याणकारी कार्य में राजनीति और हर उपलब्धि में अपना खोता हुआ जनाधार दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि जनता अब आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से ऊपर उठकर विकास और सम्मान की राजनीति को प्राथमिकता दे रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आदिवासी समाज के सम्मान, अधिकार और विकास के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में भी जनजातीय क्षेत्रों के विकास तथा समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

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