कांग्रेस को मीसा बंदियों के सम्मान पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर – मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस आज संविधान की बात करती है, लेकिन वर्ष 1975 में देश पर आपातकाल (इमरजेंसी) थोपकर संविधान की मूल भावना को कुचलने का काम उसी पार्टी ने किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इमरजेंसी के दौरान जितने भी गैर-कांग्रेसी नेता और लोकतंत्र समर्थक लोग थे, उन्हें जेलों में डाल दिया गया। कई लोग 19-19 महीनों तक जेल में बंद रहे। इस दौरान उनके परिवारों को गंभीर आर्थिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अनेक परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया और कई परिवार पूरी तरह से बर्बाद हो गए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले मीसा बंदियों ने अत्याचार और दमन का सामना किया था। ऐसे लोगों का सम्मान करना समाज और सरकार का दायित्व है। मुख्यमंत्री ने प्रश्न उठाते हुए कहा कि जिन परिस्थितियों में हजारों लोगों को जेल भेजा गया और उनके परिवारों को कष्ट झेलना पड़ा, उसके लिए जिम्मेदार कौन है? इसका उत्तर कांग्रेस पार्टी को देना चाहिए।
साय ने कहा कि आज जब राज्य सरकार लोकतंत्र सेनानियों और मीसा बंदियों का सम्मान कर रही है, तब कांग्रेस द्वारा इस पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया, उनका सम्मान किया जाना चाहिए और कांग्रेस को इस विषय पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के लोकतांत्रिक इतिहास में आपातकाल एक काला अध्याय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सभी लोगों का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।











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