*आदिवासी संस्कृति पर हमला: देवेंद्र पोटाई और जयराम कड़ियाम की मूर्तियां तोड़ी गईं, ग्रामीणों में आक्रोश*

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*आदिवासी संस्कृति पर हमला: देवेंद्र पोटाई और जयराम कड़ियाम की मूर्तियां तोड़ी गईं, ग्रामीणों में आक्रोश*

एक दर्दनाक घटना में, गांव में स्थित देवेंद्र पोटाई और जयराम कड़ियाम की मूर्तियों को असामाजिक तत्वों ने तोड़ दिया है। इससे पहले भी गांव के मंदिर से देवता की चोरी हो चुकी है, जिसके कारण वार्षिक मेला नहीं हो पाया था।

ग्रामीणों का आरोप है कि यह आदिवासी संस्कृति और परंपरा पर एक कुत्सित हमला है। आदिवासी समाज में मृतकों का प्रतीक चिन्ह बनाने की एक महत्वपूर्ण परंपरा है, जिसे मिटाने का प्रयास किया जा रहा है। नितिन पोटाई, पूर्व सदस्य राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग, छत्तीसगढ़ शासन ने इस मुद्दे को निंदनीय बताया है और इस मुद्दे को  उठाया है।

स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है, और उनका कहना है कि भाजपा के शासनकाल में अपराधियों और असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़े हुए हैं। राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित एक आदिवासी अधिकारी की मूर्ति से छेड़छाड़ ने इस घटना की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द दोषियों को पकड़ने और आदिवासी संस्कृति की रक्षा करने की मांग की है।

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