रायपुर | नवंबर दिसंबर 2025 में तमिलनाडु, आँध्रप्रदेश, केरल , कर्नाटक में भयानक बारिस और चक्रवाती तूफ़ान से भारी तबाही जान माल का नुकसान की संभावना है | रिसर्चर तीव कुमार सोनी ने भारत सरकार को पृथ्वी रिसर्च – 24 प्रस्तुत कर प्राकृतिक आपदा का वैज्ञानिक सिद्धांत बताया है | रिसर्चर तीव कुमार सोनी ने भारत सरकार को वैज्ञानिक सिद्धांत बताया है की 21.09.2025 का सूर्यग्रहण और 17.02.2026 का सूर्यग्रहण का संधिकाल नवंबर दिसंबर 2025 है | इस संधिकाल में नकरात्मक और सकरात्मक बलो के प्रवाह में परिवर्तन होगा जिस कारण कमजोर बल वाले स्थानों में प्राकृतिक आपदा आयेंगे | नवंबर दिसंबर 2025 में (01) तमिलनाडु, आँध्रप्रदेश, केरल , कर्नाटक में भयानक बारिस और चक्रवाती तूफ़ान से भारी तबाही जान माल का नुकसान संभावित है | (02) बंगाल , गुजरात की तरफ समुद्र में भूकंप, ज्वालामुखी, तूफ़ान संभावित है | (03) हिंद महासागर , प्रशांत महासागर क्षेत्र में बड़े भूकंप से सुनामी संभावित है |

रिसर्चर तीव कुमार सोनी के वाईरस, महामारी, भूकंप, तूफ़ान, जलप्रलय के 100 रिसर्च सही सिद्ध
रिसर्चर तीव कुमार सोनी के सभी रिसर्च एक एक कर सही साबित होते जा रहे है | भारत सरकार को प्रस्तुत किये गए उनके 100 वैज्ञानिक रिसर्च सही सिद्ध हो गए है | उनके रिसर्चो को उनके वेबसाईट https://tivkumarsoni.in में देखा जा सकता है | उन्होंने भारत सरकार को वैज्ञानिक सिद्धांत बताया है की सूर्यग्रहण के कारण सूर्य के विद्युत चुम्बकीय बल डिस्टर्ब हो जाता है जिस कारण पृथ्वी पर वाईरस, महामारी, भूकंप, तूफ़ान, जलप्रलय प्राकृतिक आपदा उत्पन्न होते है और सूर्य के विद्युत चुम्बकीय बल के द्वारा वाईरस, महामारी, भूकंप, तूफ़ान, जलप्रलय प्राकृतिक आपदा को रोका जा सकता है | उनके वैज्ञानिक सिद्धांतो की मान्यता के लिये भारत सरकार को आवेदन प्रस्तुत किया है |











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