सुशासन की मिसाल : श्रम विभाग का बड़ा फैसला
निजी स्थापना से डाटा एंट्री ऑपरेटर की सेवाएं समाप्त, मूल विभाग में वापसी
रायपुर –
छत्तीसगढ़ शासन ने सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, जिन्हें हाल ही में आबकारी विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है, के नेतृत्व में विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है।
कांग्रेस शासनकाल में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत और पारसनाथ राजवाड़े के निजी स्थापना कार्यालय में संलग्न कर्मचारी श्री प्रवीण कुमार शर्मा (डाटा एंट्री ऑपरेटर) की सेवाओं को अब अनावश्यक माना गया है। शासन ने तत्काल प्रभाव से उनका संलग्नीकरण समाप्त करते हुए उन्हें उनके मूल कार्यालय में वापस भेज दिया है।
श्रम विभाग द्वारा जारी आदेश (क्रमांक ESTB-102(3)/404/2025-LABOUR, दिनांक 02.09.2025) में स्पष्ट किया गया है कि श्री शर्मा का संलग्नीकरण अब आवश्यक नहीं है।
सुशासन और संवेदनशीलता की दिशा में कदम
सरकार का यह निर्णय इस बात का संकेत है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप सभी विभाग सुशासन, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की दिशा में प्रतिबद्ध हैं।
शासन के सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी इस तरह के कदम जारी रहेंगे ताकि शासन-प्रशासन पूरी तरह जवाबदेह और संवेदनशील बने।











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