
*रिपोर्ट – नागेश्वर मोरे गरियाबंद*
गरियाबंद/अमलीपदर- गरियाबंद जिले के अमलीपदर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भेजीपदर में शुक्रवार की सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक आवारा कुत्ते ने दो ग्रामीणों को अपना शिकार बना लिया। सुबह करीब 7:30 बजे हुई इस घटना में कुत्ते के काटने से खिरसेंदुर नागेश (40 वर्ष) और सुशीला बाई (35 वर्ष) घायल हो गए। अचानक हुई इस घटना के बाद गांव में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मिली जानकारी के अनुसार, दोनों ग्रामीण अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे। इसी दौरान एक कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया और दोनों को काटकर घायल कर दिया। घटना के बाद परिजनों और आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल घायलों को संभाला। समय गंवाए बिना दोनों घायलों को परिजन निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमलीपदर लेकर पहुंचे।
*CHC में प्राथमिक उपचार, हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर*
अमलीपदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सीय टीम ने दोनों घायलों का तत्काल प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकों ने उनकी स्थिति का परीक्षण करने के बाद बेहतर एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधा के लिए दोनों को जिला चिकित्सालय गरियाबंद रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन दोनों घायलों को गरियाबंद लेकर पहुंचे, जहां उनका उपचार जारी है।
घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने और उपचार के दौरान ईएमटी मनीष साहू एवं पायलट पुरुषोत्तम साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता से घायलों को समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिल सकी।
*आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या से ग्रामीण चिंतित*
घटना के बाद भेजीपदर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने से बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को हमेशा खतरा बना रहता है। सुबह और शाम के समय सड़क एवं मोहल्लों में घूमने वाले आवारा कुत्तों से विशेष रूप से परेशानी होती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से गांव में आवारा कुत्तों की समस्या पर ध्यान देने तथा आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल दोनों घायल गरियाबंद जिला अस्पताल में उपचाराधीन हैं। घटना के बाद ग्रामीणों की नजर अब इस बात पर है कि संबंधित विभाग आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर क्या कदम उठाता है।










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