
*श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर दिव्य श्रृंगार में नजर आए श्री महाकाल*
*मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु, प्रतिदिन होगा प्रसाद वितरण*
*रिपोर्ट – नागेश्वर मोरे, गरियाबंद*
देवभोग। पवित्र श्रावण मास के प्रथम सोमवार के अवसर पर देवभोग स्थित श्री श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। भगवान श्री महाकाल का संध्याकालीन भव्य एवं दिव्य श्रृंगार किया गया। विशेष श्रृंगार के पश्चात भगवान महाकाल का मनमोहक और आकर्षक स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। दर्शन के लिए सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही शुरू हो गई थी और शाम होते-होते श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं।
श्रावण मास के प्रथम सोमवार को भगवान महाकाल के दर्शन एवं पूजन के लिए देवभोग सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों तथा दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भक्तों ने कतारबद्ध होकर भगवान महाकाल के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव, जय श्री महाकाल के जयघोष से गूंजता रहा।
*हर सोमवार होगा भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार*
मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों ने बताया कि इस वर्ष श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। पूरे श्रावण मास में प्रति सोमवार संध्याकाल भगवान श्री महाकाल का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। भगवान के अलग-अलग स्वरूपों में होने वाले श्रृंगार को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की उम्मीद है।
मंदिर ट्रस्ट द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं, ताकि दर्शन के दौरान भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
*प्रत्येक सोमवार अलग-अलग स्वरूप में श्रृंगार*
मंदिर के पंडित संजय शर्मा ने बताया कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। इस पूरे महीने में प्रत्येक सोमवार को भगवान महाकाल का अलग-अलग स्वरूपों में विशेष श्रृंगार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भगवान के विशेष श्रृंगार और पूजा-अर्चना को लेकर मंदिर में विशेष तैयारियां की गई हैं।
उन्होंने कहा कि श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से श्रद्धालुओं में आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति की भावना बढ़ती है। इसी उद्देश्य से मंदिर में पूरे माह धार्मिक वातावरण बनाए रखने के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
*प्रतिदिन दोपहर में श्रद्धालुओं को मिलेगा प्रसाद*
पंडित संजय शर्मा ने बताया कि श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन दोपहर में भगवान के प्रसाद का वितरण भी किया जाएगा। प्रथम सोमवार को भी बड़ी संख्या में भक्तों ने भगवान महाकाल के दर्शन के बाद प्रसाद ग्रहण किया।
दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मंदिर में भगवान महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर स्वयं को धन्य माना। श्रद्धालुओं का कहना था कि श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर भगवान महाकाल के दिव्य श्रृंगार के दर्शन करना उनके लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव रहा।
*भक्ति में डूबा नजर आया मंदिर परिसर*
श्रावण मास के प्रथम सोमवार को पूरे मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तिमय वातावरण बना रहा। भगवान शिव के जयकारों से वातावरण गुंजायमान रहा। बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवा श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचे।
श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल से अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और मंगल की कामना की। शाम के समय भगवान महाकाल के विशेष श्रृंगार के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ गई। मंदिर में चल रहे विशेष श्रृंगार एवं प्रसाद वितरण को लेकर भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिला।
श्रावण मास के आगामी सोमवारों में भगवान महाकाल के अलग-अलग स्वरूपों में होने वाले विशेष श्रृंगार को लेकर भी श्रद्धालुओं में उत्सुकता बनी हुई है। मंदिर ट्रस्ट के अनुसार पूरे श्रावण मास में धार्मिक आस्था और भक्ति का यह क्रम लगातार जारी रहेगा।










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