पांच दिन पहले बनी पक्की नाली पहली ही बारिश में ढही, ग्रामीणों में भारी नाराजगी
बालोद। जिले के गुण्डरदेही विकासखंड अंतर्गत ग्राम बेलौदी से अरमरीकला तक 5.25 किलोमीटर लंबी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क का निर्माण कार्य इन दिनों जारी है। लगभग ₹2 करोड़ 80 लाख की लागत से हो रहे इस कार्य में निर्माण की गुणवत्ता और कार्य की धीमी गति को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती जा रही है, जिसका उदाहरण पांच दिन पहले बनी लगभग 40 मीटर लंबी पक्की नाली का पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो जाना है।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क निर्माण कार्य काफी विलंब से शुरू किया गया। इस बीच शिक्षा सत्र 2026 प्रारंभ हो चुका है और बेलौदी तथा अरमरीकला के छात्र-छात्राओं को प्रतिदिन इसी मार्ग से आवागमन करना पड़ता है। बरसात के दिनों में सड़क कीचड़युक्त हो जाने से साइकिल से स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि नल-जल योजना के कारण जमीन में नमी बनी हुई थी, इसके बावजूद पर्याप्त मजबूती के बिना नाली का निर्माण कर दिया गया। परिणामस्वरूप पहली ही बारिश में नाली ढह गई। ग्रामीणों ने इसे गुणवत्ताहीन निर्माण का परिणाम बताते हुए पूरे कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराने और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की है।
साथ ही बस्ती क्षेत्र में 200 मीटर सीसी सड़क का निर्माण शीघ्र कराने की भी मांग की गई है।
ग्रामीण नीलम चंद साहू, भगवती नारायण साहू, भारत साहू, खोमन साहू, लीलाधर साहू और गैंदलाल साहू ने बताया कि ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
ग्राम पंचायत बेलौदी की सरपंच श्रीमती कुमुदिनी साहू ने कहा कि नाली का निर्माण गुणवत्ताहीन होने के कारण ही पहली बारिश में वह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खुल गई है।
वहीं संबंधित विभाग के इंजीनियर ने बताया कि नाली क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है। मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर ठेकेदार अंकित साहू का कहना है कि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्वक कराया जा रहा है। अधिक बारिश और पानी के कारण नाली क्षतिग्रस्त हुई है, जिसे दोबारा बनवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि बस्ती क्षेत्र में नाली निर्माण पूरा होने के बाद 200 मीटर सीसी सड़क का निर्माण भी कराया जाएगा। बरसात के कारण कुछ कठिनाइयां आई हैं, जिन्हें समय रहते दूर कर लिया जाएगा।
हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण समय पर और निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार किया गया होता तो पहली ही बारिश में नाली नहीं टूटती। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने तथा गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की है।












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