नई हाई स्पीड रेल (HSR) कॉरिडोरों के त्वरित कार्यान्वयन की दिशा में रेलवे बोर्ड की महत्वपूर्ण पहल…. डॉ. क्रांति खूंटे 

Spread the love

नई हाई स्पीड रेल (HSR) कॉरिडोरों के त्वरित कार्यान्वयन की दिशा में रेलवे बोर्ड की महत्वपूर्ण पहल…. डॉ. क्रांति खूंटे 

कसडोल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की जोनल रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति की सदस्य डॉ. क्रांति खूंटे ने हमारे प्रतिनिधि को एक विशेष भेट में बताया है कि रेलवे बोर्ड ने देश में नई हाई स्पीड रेल (HSR) परियोजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस बजट 2026 में घोषित सात नई हाई स्पीड रेल कॉरिडोरों को समयबद्ध ढंग से क्रियान्वित करने के उद्देश्य से बोर्ड स्तर पर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसके पश्चात कई निर्णय लिए गए।

जिसमें सात प्रस्तावित हाई स्पीड रेल कॉरिडोरों में मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–बेंगलुरु, हैदराबाद–चेन्नई, चेन्नई–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी तथा वाराणसी–सिलीगुड़ी शामिल हैं। इन सभी परियोजनाओं के शीघ्र कार्यान्वयन की जिम्मेदारी नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) को सौंपी गई है।

डॉ. क्रांति खूंटे ने आगे बताया है कि रेलवे बोर्ड द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि पहले से तैयार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को वर्तमान लागत, परियोजना पूर्णता लागत आदि के अनुरूप संशोधित किया जाए, ताकि प्रोजेक्ट का सही आकलन किया जा सके। इसके अतिरिक्त, पूरे भारत में हाई स्पीड रेल के लिए एक समान तकनीकी और परिचालन मानक को औपचारिक रूप से अंतिम रूप देने का दायित्व भी NHSRCL को सौंपा गया है।

अधिसूचना में प्रत्येक HSR परियोजना के लिए क्षेत्र में तैनात कोर टीम गठित करने, परियोजना-वार मुख्यालय निर्धारित करने, पूर्व-निर्माण गतिविधियों की सूची तैयार करने तथा अनुबंध दस्तावेजों की प्रक्रिया प्रारंभ करने पर भी बल दिया गया है। साथ ही, विभिन्न हाई स्पीड रेल परियोजनाओं के लिए पर्याप्त और प्रशिक्षित तकनीकी मानव संसाधन की योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नई परियोजनाओं की आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।

बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी कॉरिडोरों के लिए परियोजना-वार मानव संसाधन का आकलन किया जाए, जिसमें भारतीय रेल से आवश्यक कार्मिकों की आवश्यकता को भी सम्मिलित किया जाएगा। इस पूरी कार्ययोजना की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

रेलवे की यह पहल देश में आधुनिक, सुरक्षित और तीव्र रेल संपर्क के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी नई गति प्रदान करेगी। रेल मंत्रालय के इस निर्णय का डॉ. क्रांति खूंटे ने स्वागत करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *