पटना.
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने दो दर्जन से अधिक सड़क परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है। भू अर्जन निदेशक कमलेश कुमार सिंह ने जिलों को उन सड़कों की सूची भेजी है, जिनके लिए जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई चल रही है। मुख्यालय स्तर पर हुई समीक्षा में पाया गया कि अधिसंख्य मामला मुआवजा भुगतान के कारण लटका हुआ है।
शेरपुर-दिघवारा के बीच गंगा नदी पर छह लेन के पुल के रास्ते में मंदिर-मस्जिद और स्कूल के आ जाने से कठिनाई हो रही है। एनएच 27 के किशनगंज-बहादुरगंज खंड एलाइनमेंट में सुधार के कारण जमीन अधिग्रहण में समस्या आ रही है। इस खंड के साढ़े चार किमी हिस्से के लिए जमीन की जरूरत है। मुआवजा भुगतान का प्रबंध करने के लिए विभाग को लिखा गया है। एनएच 231 के महेशखूंट-सहरसा-पूर्णिया खंड में मरंगा एवं सुखिया मौजा के रैयत मुआवजे की दर को लेकर विरोध कर रहे हैं। एनएच 139 डब्ल्यू के बाकरपुर-मानिकपुर खंड में भी समस्या है। इस हिस्से में संरचनाओं का भुगतान बाकी हे। इसी परियोजना के मुजफ्फरपुर वाले हिस्से में अधिग्रहण का एक विवाद हाई कोर्ट में लंबित है।
शेरपुर-दिघवारा के बीच गंगा नदी पर छह लेन के पुल का निर्माण हो रहा है। सारण जिला में इसके लिए 580 मीटर जमीन अधिग्रहण का मामला अटक गया है, क्योंकि अधिग्रहण के रास्ते में मंदिर, मस्जिद और स्कूल पड़ रहे हैं। एनएच 139 डब्ल्यू के साहेबगंज-अरेराज-बेतिया खंड पर करीब 55 किमी सड़क के लिए जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई लंबित है। पश्चिमी चंपारण में भी इस सड़क के लिए करीब 24 किमी सड़क के लिए जमीन अधिग्रहण होना बाकी है। इसी तरह एनएच 119 डी के लिए वैशाली जिले में भी 24 किमी सड़क के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। जिला भू अर्जन अधिकारी को कहा गया है कि वे अधियाची विभाग से समन्वय बना कर मुआवजा भुगतान की गति को तेज करें।
इस परियोजना के लिए दरभंगा एवं समस्तीपुर जिलों में भी जमीन अधिग्रहण हो रहा है। एनएच 119 डी के पटना जिले के खंड में भरगांवा मौजा के रैयतों के विरोध का सामना हो रहा है। यह मुआवजे की कम दर को लेकर है। निदेशक, भू अर्जन कमलेश कुमार सिंह ने जिला भू अर्जन पदाधिकारियों को कहा है कि वे संबंधित विभागों एवं रैयतों के बीच समन्वय कर अधिग्रहण की कार्रवाई तेज करें।


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