पाकिस्तान से बलूचिस्तान को आजाद कराने में हमारी मदद करे भारत -मीर यार बलोच

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बलोच नेता मीर यार बलोच ने भारत के नाम ओपन लेटर लिखा है। मीर यार बलोच ने सोशल मीडिया एक्स पर इस लेटर को जारी करते हुए पाकिस्तान (Pakistan) से बलूचिस्तान (Balochistan) को आजाद कराने में भारत की मदद और ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) की तारीफ करते पाक से आतंकियों के खात्मे की बात कही है। साथ ही बलूचिस्तान में चीन-पाकिस्तान गठजोड़ और चीनी सेना की तैनाती को लेकर गंभीर चेतावनी दी है।
पत्र में भारत और बलूचिस्तान के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक, कूटनीतिक और रक्षा संबंधों का उल्लेख किया गया है। साथ ही मीर यार बलोच ने हिंगलाज माता मंदिर (नानी मंदिर) को दोनों देशों की साझा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया है। बलोच नेता मीर यार बलोच ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को लिखे खुले पत्र लिखते हैं कि- वह रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान के 6 करोड़ देशभक्त नागरिकों की ओर से भारत के 140 करोड़ लोगों, संसद के दोनों सदनों, मीडिया, सिविल सोसाइटी और सभी सम्मानित नागरिकों को नववर्ष 2026 की हार्दिक बधाई देते हैं। मीर यार बलोच ने मोदी सरकार द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ की गई कार्रवाई की खुलकर सराहना करते हुए लिखा है कि पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तानी सैन्य ढांचे और आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना साहसिक और न्यायपूर्ण कदम था, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है।
भारत को पूर्ण समर्थन का ऐलान
बलोच नेता ने स्पष्ट कहा कि बलूचिस्तान की जनता भारत और उसकी सरकार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने शांति, विकास, व्यापार, रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा चुनौतियों और छिपे खतरों से निपटने के लिए भारत के साथ भरोसेमंद साझेदारी की इच्छा जताई।
79 साल से पाकिस्तान के कब्जे में बलूचिस्तान
पत्र में कहा गया कि बलूचिस्तान पिछले 79 वर्षों से पाकिस्तान के कब्जे, राज्य प्रायोजित आतंकवाद और गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों का शिकार रहा है। मीर यार बलोच ने कहा कि अब समय आ गया है कि इस समस्या को जड़ से खत्म किया जाए ताकि बलूचिस्तान को स्थायी शांति और संप्रभुता मिल सके।
पाकिस्तान-चीन गठजोड़ पर गंभीर चेतावनी
पत्र में पाकिस्तान और चीन की बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को बेहद खतरनाक बताया है। मीर यार बलोच ने चेतावनी दी कि चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है, जो क्षेत्रीय संतुलन को बिगाड़ सकता है। उन्होंने चेताया कि यदि बलूचिस्तान की रक्षा और स्वतंत्रता सेनाओं को समर्थन नहीं मिला, तो आने वाले महीनों में चीनी सेना की तैनाती बलूचिस्तान में हो सकती है। 6 करोड़ बलोच लोगों की इच्छा के बिना चीनी सैन्य मौजूदगी भारत और बलूचिस्तान दोनों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
भारत के साथ मजबूत साझेदारी की उम्मीद
पत्र के अंत में मीर यार बलोच ने भारत के साथ और अधिक मजबूत, सक्रिय और रणनीतिक सहयोग की उम्मीद जताई है। साथ ही कहा कि दोनों देशों की साझेदारी पूरे क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।

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