छत्तीसगढ़ के ठेकेदारों ने जताया आक्रोश, अधिकारियों की मनमानी से परेशान

Spread the love

छत्तीसगढ़ के ठेकेदारों ने जताया आक्रोश, अधिकारियों की मनमानी से परेशान

छत्तीसगढ़ के ठेकेदारों ने प्रदेश स्तरीय बैठक में अधिकारियों की मनमानी पर आक्रोश जताया। उनका कहना है कि महीनों से भुगतान नहीं किया जा रहा है और अधिकारियों द्वारा तरह-तरह से परेशान किया जाता है।

ठेकेदारों ने बताया कि कार्य हो जाने के बावजूद भुगतान के लिए महीनों तक घुमाया जाता है और रिश्वत लिए बिना अधिकारी बिल पास नहीं करते।

*मुख्य समस्याएं*

– *भुगतान में देरी*: ठेकेदारों को कई महीनों से भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे विकास कार्य ठप्प हो रहे हैं।

– *अधिकारियों की मनमानी*: अधिकारी ठेकेदारों को परेशान करते हैं और रिश्वत की मांग करते हैं।

– *टेंडर में हेराफेरी*: अधिकारियों पर टेंडर में हेराफेरी करने का आरोप लगाया गया है।

*ठेकेदारों की मांग*

– *सीएम से मुलाकात*: ठेकेदारों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात करने का निर्णय लिया है और अपनी समस्याओं से अवगत कराएंगे।

– *अधिकारियों पर कार्रवाई*: ठेकेदारों ने मांग की है कि अधिकारियों की मनमानी पर अंकुश लगाया जाए और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए।

*ठेकेदारों की एकजुटता*

– *एकजुट होकर विरोध*: ठेकेदारों ने कहा कि यदि वे एकजुट होकर अधिकारियों की मनमानी का विरोध करें तो समस्या का समाधान हो सकता है।

– *कठोर निर्णय*: ठेकेदारों ने कहा कि वे भविष्य में परेशान न होने के लिए कठोर निर्णय लेंगे और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाएंगे।

*आर्थिक स्थिति*

– *कर्ज और बेरोजगारी*: ठेकेदारों की आर्थिक स्थिति जर्जर हो चुकी है और उन्होंने करोड़ों रुपए का कर्ज ले रखा है। ठेकेदारों की कंपनी में काम करने वाले इंजिनियर और मजदूर बेरोजगार हो चुके हैं।

*ठेकेदारों का आक्रोश*

– *अधिकारियों की मनमानी*: ठेकेदारों ने कहा कि अधिकारियों की मनमानी के कारण वे परेशान हैं और उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।

– *सरकार तक आवाज पहुंचाएंगे*: ठेकेदारों ने कहा कि वे अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाएंगे और अपनी समस्याओं का समाधान करवाएंगे।

*आगे की कार्रवाई*

– *मुख्यमंत्री से मुलाकात*: ठेकेदारों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात करने का निर्णय लिया है और अपनी समस्याओं से अवगत कराएंगे।

– *अधिकारियों पर कार्रवाई*: ठेकेदारों ने मांग की है कि अधिकारियों की मनमानी पर अंकुश लगाया जाए और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *