हर साल की तरह इस साल भी स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ ओणम फेस्टिवल सर्किट हाउस में संपन्न हुआ …

Spread the love

हर साल की तरह इस साल भी स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ ओणम फेस्टिवल सर्किट हाउस में संपन्न हुआ …

रायपुर – हर साल की तरह इस साल भी ओणम फेस्टिवल का आयोजन इंडियन काफी हाउस के तरफ से किया गया इस ओणम फेस्टिवल में दो हजार से भी ज्यादा कूपन कटे और लगभग दो हजार लोगों का आना जाना दिन भर लगा रहा।
बतादे की इस आयोजन को देख रहे इंडियन काफी हाउस के मैनेजर मिस्टर अच्छू ने बताया कि हर साल यह आयोजन करते और हजारों की संख्या में केरल वासी ओणम फेस्टिवल का स्वादिष्ट खाना खाने पूरे परिवार के साथ आते है।

फेस्टिवल के एक माह पूर्व से तैयारी चालू हो जाता है।
और स्वादिष्ट व्यंजनों की बुकिंग भी , कल दिन भर पहले से बुकिंग किए हुवे लोगों ने स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाया और साथ की सर्किट हाउस में लगे सजावट के साथ फैमली फोटो भी खिंचवाई।


बता ते चले कि खाने के व्यंजनों में लगभग 16 प्रकार के व्यंजन शामिल थे , शानदार केले के पत्ते में केरल के परम्परागत तरीके से खाना परोसा गया इसमें केरल का प्रसिद्ध मोटा चावल , नारियल गुड़ की खीर , पूड़ी जैसी दिखने वाली पापड़ , केरल का प्रसिद्ध छोटा केला प्रमुख रूप से स्वादिष्ट खाने का मजे को और बढ़ा दिया एक थाली का रेट 600 रुपए रखा गया था । इस ओणम फेस्टिवल में छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से लोगों का दिनभर आना जाना लगा रहा ।

केरल में ओणम फेस्टिवल क्यों मनाया जाता है।

ओणम केरल का एक प्रमुख त्योहार है। ओणम का उत्सव चिंगम (सिंघम/सिंहम्) मास में भगवान वामन की जयन्ती और राजा बलि के स्वागत में प्रति वर्ष आयोजित किया जाता है जो दस दिनों तक चलता है। उत्सव त्रिक्काकरा (कोच्ची के पास) केरल के एक मात्र वामन मन्दिर से प्रारम्भ होता है।

ओणम में प्रत्येक घर के आँगन में फूलों की पंखुड़ियों से सुन्दर सुन्दर रंगोलियाँ (पूक्कलम) डाली जाती हैं। युवतियाँ उन रंगोलियों के चारों ओर वृत्त बनाकर उल्लास पूर्वक नृत्य (तिरुवाथिरा कलि) करती हैं। इस पूक्कलम का प्रारम्भिक स्वरूप पहले (अत्तम के दिन) तो छोटा होता है परन्तु नित्य इसमें एक और वृत्त फूलों का बढ़ा दिया जाता है।

ऐसे बढ़ते बढ़ते दसवें दिन (तिरुवोणम) यह पूक्कलम वृहत आकार धारण कर लेता है। इस पूक्कलम के बीच त्रिक्काकरप्पन (वामन अवतार में विष्णु), राजा बलि तथा उसके अंग-रक्षकों की प्रतिष्ठा होती है जो कच्ची मिटटी से बनायीं जाती है। ओणम में नौका दौड़ जैसे खेलों का आयोजन भी होता है। ओणम एक सम्पूर्णता से भरा हुआ त्योहार है जो सभी के घरों को सुखों से भर देता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *