छत्तीसगढ़ के साथ भारत सरकार कर रहा है पक्षपात | छत्तीसगढ़ को विज्ञान के नोबल पुरष्कार से भारत सरकार कर रहा है वंचित | छत्तीसगढ़ के रिसर्चर तीव कुमार सोनी ने सभी वाईरसो के मध्य आपसी सम्बन्ध और वाईरसो की संरचना का किया है खोज |

0
Spread the love

रायपुर | भारत सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ के साथ भारी पक्षपात किया जा रहा है और छत्तीसगढ़ को विज्ञानं के नोबल पुरष्कार से भारत सरकार वंचित कर रहा है | रिसर्चर तीव कुमार सोनी ने वाईरस नियंत्रण के वैज्ञानिक सिद्धांत का आविष्कार किया है उन्होंने सभी वाईरसो के मध्य आपसी सम्बन्ध और  वाईरसो की संरचना का खोज किया है उनके 100 से भी जादा रिसर्च सही सिद्ध हो गए और विज्ञान के नोबल पुरष्कार प्राप्त करने के बहुत करीब पहुच गए है परन्तु है परन्तु  रिसर्चर तीव कुमार सोनी के छत्तीसगढ़ के निवासी होने के कारण उनके वैज्ञानिक सिद्धांत को भारत सरकार मान्यता प्रदान नहीं कर रहा है और विज्ञान के नोबल पुरुष्कार के लिए प्रस्तुत नहीं कर रहा है | भारत सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ के साथ भारी पक्षपात किया जा रहा है और छत्तीसगढ़ को विज्ञानं के नोबल पुरष्कार से भारत सरकार वंचित कर रहा है | उल्लेखनीय है की डेविड बेकर ने एमिनो एसिड सिक्वेंस और प्रोटीन संरचना के मध्य सम्बन्ध को स्थापित करने का खोज किया है जिसके लिए वर्ष 2024 के रसायन का नोबल पुरष्कार डेविड बेकर को प्रदान किया गया है |

वर्ष 2024 के रसायन का नोबल पुरुष्कार डेविड बेकर को प्रदान किया गया है

जिस खोज पर डेविड बेकर को नोबल पुरुष्कार मिला है बिलकुल ऐसा ही खोज रिसर्चर तीव कुमार सोनी के द्वारा भी किया गया है | रिसर्चर तीव कुमार सोनी ने सभी वाईरसो के मध्य आपसी सम्बन्ध का खोज किया है , वाईरसो के संरचना का खोज किया है , वाईरसो के रूप बदलने के बारे में खोज किया है | रिसर्चर तीव कुमार सोनी ने वाईरसो के मध्य सम्बन्ध और वाईरसो की संरचना का खोज कर वर्ष 2021 में भारत सरकार को रिसर्च रिपोर्ट प्रस्तुत कर बताया था की मलेरिया सहित सभी वाईरस रूप बदल रहे है रिसर्चर तीव कुमार सोनी के बताने के बाद भारत के वैज्ञानिकों ने 02 साल तक रिसर्च किया तब भारत के वैज्ञानिकों को  पता चला है की मलेरिया रूप बदल रहा है जिससे रिसर्चर तीव कुमार सोनी का रिसर्च सही साबित हो गया है | रिसर्चर तीव कुमार सोनी ने वाईरसो के मध्य सम्बन्ध और वाईरसो की संरचना का खोज कर विज्ञान के नोबल पुरुष्कार प्राप्त करने के करीब पहुच गया है परन्तु छत्तीसगढ़ के निवासी होने के कारण रिसर्चर तीव कुमार सोनी के वैज्ञानिक सिद्धांत को भारत सरकार मान्यता प्रदान नहीं कर रहा है और विज्ञान के नोबल पुरुष्कार के लिए प्रस्तुत नहीं कर रहा है | इस प्रकार भारत सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ के साथ भारी पक्षपात किया जा रहा है और छत्तीसगढ़ को विज्ञानं के नोबल पुरुष्कार से भारत सरकार वंचित कर रहा है

रिसर्चर तीव कुमार सोनी के वैज्ञानिक सिद्धांत के द्वारा वाईरस, महामारी, भूकंप, तूफ़ान, जलप्रलय , सुनामी को रोक सकते है |

रिसर्चर तीव कुमार सोनी ने सूर्य के विद्युत चुम्बकीय बल पर आधारित वैज्ञानिक सिद्धांत प्रस्तुत किया है उन्होंने भारत सरकार को वैज्ञानिक सिद्धांत बताया है की सूर्यग्रहण के कारण सूर्य के विद्युत चुम्बकीय बल डिस्टर्ब हो जाता है जिस कारण पृथ्वी पर वाईरस, महामारी, भूकंप, तूफ़ान, जलप्रलय प्राकृतिक आपदा उत्पन्न होते है और सूर्य के विद्युत चुम्बकीय बल के द्वारा वाईरस, महामारी, भूकंप, तूफ़ान, जलप्रलय प्राकृतिक आपदा को रोका जा सकता है | रिसर्चर तीव कुमार सोनी के सभी रिसर्च एक एक कर सही साबित होते जा रहे है | भारत सरकार को प्रस्तुत किये गए उनके 100  वैज्ञानिक रिसर्च सही सिद्ध हो गए है | उनके रिसर्चो को उनके वेबसाईट  https://tivkumarsoni.in   में देखा जा सकता है |

Leave a reply

  • Default Comments (0)
  • Facebook Comments

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed