चर्चा में मुख्यमंत्रीजी को जानकारी दी गई कि शिक्षण सत्र की शुरुवात के साथ पालको को प्राइवेट स्कुल की मनमानी का शिकार होना पड़ रहा है। निजी स्कूलों पर सरकार और जिला शिक्षा अधिकारी का कोई नियंत्रण नहीं होने से मनमाने ढंग से प्रवेश शुल्क, ट्यूश्न शुल्क, ड्रेस, कापी-किताब समेत अन्य शुल्क लिए जाते हैं। किताब-कापी व ड्रेस तय दुकान से खरीदने को अभिभावकों को मजबूर किया जाता है। इन सारी अव्यवस्थाओ के निराकरण के लिए व प्रदेश के लाखो परिवारों को राहत देने के लिए गुजरात व उत्तरप्रदेश की तरह अपने प्रदेश में भी फीस नियामक समिति का गठन किया जावे। प्रतिनिधि मंडल में रविकांत जायसवाल,अमित वर्मा , निर्भय शर्मा , रिषिन्द्र नामदेव , बद्री कुर्रे , उमेश पासवान, मनु दुबे, ऋषिकान्त चंद्राकर शामिल थे ।









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