रायपुर। भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा ने प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग के आरक्षण को पुनः 16 प्रतिशत करने की मांग को लेकर पूरे प्रदेश भर में धरना प्रदर्शन किया। प्रदेश में अनुसूचित जाति वर्ग की आबादी बहुत बड़ी है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा अपने 2018 के चुनावी जनघोषणा पत्र में अनुसूचित जाति वर्ग को 16 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की थी लेकिन प्रदेश में आज कांग्रेस की सरकार बनने के बाद लगभग 4 वर्ष का कार्यकाल बीत जाने के बाद भी प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा अपने घोषणा पत्र के अनुरूप अनुसूचित जाति वर्ग को 16 प्रतिशत आरक्षण से वंचित रख कर न केवल छला जा रहा है अपितु उनका शोषण भी किया जा है। माननीय छत्त्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग की 16 प्रतिशत आरक्षण यथावत रखने का निर्देश दिया है लेकिन माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश को प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा कैबिनेट की बैठक में दरकिनार करते हुए 13 प्रतिशत आरक्षण करने का कुत्सित प्रयास किया। जिसमें छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जाति वर्ग में भारी आक्रोश है। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने शातिराना चाल से बाज आए व प्रदेश में एससी/एसटी/ओबीसी एवं सामान्य वर्ग के बीच लड़ाना-भीड़ाना करना बंद करें। प्रदेश कांग्रेस सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के सहयोगी मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि 16 प्रतिशत आरक्षण को यथावत रखने के लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार को बाध्य करें। नहीं तो भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ-साथ सभी मंत्रियों का पुतला दहन करेगा। धरना प्रदर्शन के बाद भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
धरना प्रदर्शन में अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष आत्माराम बंजारे, दिलिप तारथी, सुनील बांद्रे, श्याम नारंग, वेदराम जांगड़े, उमेश जिभेकर, शरद जाल, पंचु भारती, महादेव नायक, लक्ष्मीनारायण, संदीप मंडल, राजेन्द्र सेन्दरे, उपेन्द्र जगत, जुगराज, चंद्रशेखर, चुड़ामणी, मोहन दीप, कलिवंदर गेंदरे, भगवती मण्डी, सहित बड़ी संख्या में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के कार्यकर्ता मौजूद रहें।










Leave a Reply