रायपुर लोकसभा के प्रबल दावेदार शंकर मेहत्तरलाल की टिकट कटी तो कांग्रेस के बड़े नेताओं पर लगाएं गंभीर आरोप

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रायपुर(पोलिटिकल डेस्क)। कांग्रेस में विधानसभा चुनाव के पहले से टिकट वितरण को लेकर उपजे कलह खत्म होने के बजाए लगातार बढ़ते ही जा रहा है, अब यह कलह लोकसभा चुनाव में भी साफ दिख रहा है। रायपुर लोकसभा से लगातार अपनी दावेदारी पेश करने के बाद भी यहां से शंकर मेहत्तर लाल साहू का टिकट काट दिया गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शंकर मेहतरलाल साहू कांग्रेस से लोकसभा में अपनी लगातार दावेदारी पेश करते हुए शुरू से ही टिकट के लिए संघर्ष करते देखे गए हैं और दिल्ली में महीनों से हाईकमान के आकाओं से मुलाकात कर उन्हें रायपुर लोकसभा में ओबीसी बाहुल्य और ओबीसी से टिकट के लिए जातिगत समीकरण की रूपरेखा बनाते हुए अपनी दावेदारी पेश की गई थी, जिस पर उन्हें आला कमान ने भरोसा भी जताया था, लेकिन दिल्ली में ही रायपुर के कुछ बड़े नेताओं ने शंकर मेहतरलाल साहू के साथ साजिश करके उनका टिकट कटवा दिया।

शंकर मेहतर लाल साहू ने आगे बताया कि मैं साहू समाज से आता हूं और बहुत जोर शोर से जमीनी कार्यकर्ता के रूप में 30 वर्षों से कांग्रेस पार्टी की जी जान से सेवा की है। मेरे पिता स्व मेहत्तर लाल साहू 1970 से सन 2000 तक शिर्ष के दिग्गज नेताओ के साथ कांग्रेस के साथ कदम से कदम मिलाकर समर्पित होकर सेवा भाव से काम किया लेकिन फिर भी मेरे साथ षड्यंत्र करके मेरा टिकट कटवा दिया गया एक ओर साहू समाज रिकार्ड तोड़ वोट भी चाहिए और एक ओर साहू समाज से आने वाला मैं शंकर लाल उसे ही अपमानित और षड्यंत्र करके मेरा टिकट काट दिया गया अब देखना यह होगा कि शंकर मेहतर लाल साहू का अगला कदम क्या होगा वही कांग्रेस और भाजपा कही न कही नींद उड़ी हुई है।

इससे पहले शंकर मेहतर लाल साहू को अपनी ही पार्टी के लोगों से धमकी भी मिल चुकी हैं कि अगर पार्टी इन्हें टिकट देती हैं तो अंडर ग्राउंड करवा देंगे। शंकर लाल साहू ने सर्वोच्च छत्तीगसढ़ की टीम को यह भी बताया कि रायपुर के बड़े नेता मेरे खिलाफ साजिश नही करते तो मुझे रायपुर लोकसभा मे टिकट मिलना तय था।

शंकर मेहत्तरलाल साहू ने कहा कि मेरे खिलाफ राजनीति षडयंत्र के तहत मेरी 30 साल की राजनीतिक कैरियर खत्म करने की कोशिश की गई है, मेरे पिता मेहतर लाल साहू ने साहू समाज के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए इस बात को सभी पुराने कांग्रेसी नेता बहुत अच्छे से जानते है। अब मुझे टिकट नही मिला कोई बात नही अब मैं निर्दलीय चुनाव लड़कर दिखाऊंगा और पूरे साहू समाज के साथ साथ सभी  समाज मेरा साथ देंगे अब देखना होगा कि शंकर मेहतर लाल साहू की यह रणनीति में कहा तक कामयाब होते है।

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