रिपोर्ट – कृष्ण कुमार त्रिपाठी अमलीपदर
गरियाबंद जिला /मैनपुर क्षेत्र : जिले के आदिवासी विकासखंड मैनपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत डुमाघाट की अनदेखी सामने आ रहा है जिसे देख लगता नहीं कि यहाँ के ग्राम प्रतिनिधि साफ सफाई को लेकर संज्ञान में कभी उतरे हो सड़क के किनारे कचरों पड़ा हुआ है आने जाने वालों को परेशानी हो रहा है ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि यहाँ स्वच्छता सिर्फ कागजों तक ही सीमित है नही, जमीनी हकीकत तो कुछ ओर बयां करती है सरकार ग्राम पंचायतों को लाखों रुपये स्वछता को लेकर मद जारी कर रहा है लेकिन कुछ अधिकारियों के मिलीभगत और ग्राम पंचायत के लापरवाही से सरकारी मदों का जमकर दुरुपयोग सामने नज़र आता है।

दूसरी ओर पूरे भारत में स्वच्छ भारत अभियान के चलते नगर एवं ग्राम में साफ – सफाई का अभियान जारी है लेकिन , आदिवासी विकास खण्ड मैनपुर ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत डुमाघाट में सड़क किनारे कूड़ा – कचरा से पड़ा हुआ है ,ध्यान देने वाला कोई भी नही है , अन्य पंचायत मे खबर से माने तो 13,14,15वें वित्त की राशि से क्षेत्र के कई ग्रामो में पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा स्वच्छ भारत अभियान के तहत साफ – सफाई किया गया था , लेकिन ग्राम पंचायत डुमाघाट में सड़क किनारे कचरों पडा नजर आ रहा है , पंचायत प्रतिनिधि भी इससे शायद बेखबर है , वह भी सड़क किनारे में भारी मात्रा से कचरे पड़ा हुआ है ।, जिससे संक्रमण जैसी अनेक बीमारियां पैदा होने कि संभावना है , यह सब पंचायत प्रतिनिधियों की लापरवाही का करनामा है । जो खुद के गांव को सुधार ने में असफल रहे हैं
वहीं ग्रामीणों की माने तो शिक्षित होने के बाद भी कोई बदलाव नहीं हो रहा यह बताना लाजमय होगा की अपने ग्राम में कूड़े – कचरे को देखते हुए भी पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा अनदेखा किया जा रहा है , गांव की समस्या को सुधारना उचित नही समझ रहे है , अगर इस तरह की समस्या हमेशा गांव में बनी रहेगी तो लोगों को अनेक बीमारियों का सामना करना पड़ेगा , और गांव की हालत बेहद खराब नजर आयेगा , जिससे लोगों में अनेक संक्रमण, वायरल बुखार ,पैदा हो सकता है , इस की गांव की सड़क के किनारे कचरा है, लोग का स्वस्थ्य बिगड़ सकता है, इसका जिम्मेदार कौन है कब ग्राम पंचायत डुमाघाट के लोगों को गंदगियों से राहत मिलेगी सवाल आज भी बरकरार है










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