उड़ीसा से गरियाबंद धान खपाने लाया , पुलिस ने धर दबोचा ,ट्रैक्टर जप्त

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उरेन्द्र साहू जिला संवाददाता :- गरियाबंद |

गरियाबंद । जिले में उड़ीसा का धान की अफरा-तफरी शुरू हो गई है। पुलिस ने आज मामले में कार्रवाई करते हुए एक ट्रैक्टर धान जप्त किया है। दावा है कि धान को ओडिशा से गरियाबंद जिले में खपाने के लिए लाया जा रहा था।

देवभोग थाना प्रभारी  हर्षवर्धन बैस ने बताया कि धान को गोलामाल गांव के पास जब किया गया है। धान को ओडिसा के चांदाहांडी से  ट्रैक्टर क्रमांक OD 24 E- 8189  में  रखकर जिले की सीमा में  लाया जा रहा था। पुलिस ने तकरीबन 25 बोरा धान जब किया है।

ओडिसा का धान महिला देवभोग का

पुलिस ने बताया कि वाहन चालक ईश्वर मांझी ओडिसा के भोलपारा का रहने वाला है। जबकि धान मालिक मोहन नेताम धरनिधोड़ा का निवासी है। जो ओडिसा का धान जिले में ला रहा था।पुलिस का दावा

वही मामले में खुद को धान का मालिक बताने वाले मोहन नेताम की दलील भी सामने आई है। मोहन नेताम द्वारा देवभोग पुलिस को दी जानकारी के मुताबिक उसकी ओडिशा में जमीन है। जिसमें लगाए धान को वह अपने गांव धरनीधोड़ा ला रहा था। उसने दावा किया कि वह व्यापारी नहीं बल्कि किसान है। और ओडिसा से अपने धान को घर ले जा रहा था।

एसपी ने दिए निर्देश

एसपी भोजराम पटेल ने ओडिशा सीमा से लगे थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। पुलिस अधीक्षक ने चेक पोस्ट और उड़ीसा सीमा सेेे लगे गांवों की निगरानी बढ़ानेेेे के निर्देश जारी किए हैं।उन्होंने किसी भी स्थिति में ओडिशा का धान गरियाबंद जिले में नहीं पहुंचने की हिदायत दी है।

02 दिन पहले अधिकारियों ने किया था दौरा

प्रदेश के साथ गरियाबंद जिले में भी 01 दिसंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हो रही है। प्रदेश में समर्थन मूल्य पड़ोसी राज्य ओड़ीसा से अधिक होने के कारण अक्सर धान की अफरा तफरी होती है। इसी बात को ध्यान में रखकर गरियाबंद जिले के आला अधिकारियों ने 2 दिन पहले ही देवभोग क्षेत्र का दौरा किया था।

ओडिसा का धान रोकने रणनीति बनाने का दावा

कलेक्टर ने ओड़ीसा का धान रोकने के लिए स्पेशल रणनीति बनाने का दावा किया है। उन्होंने चेकपोस्ट बनाने और सीसीटीवी फुटेज से उनकी निगरानी करने की बात कही है। जिसकी मॉनिटरिंग जिला स्तरीय अधिकारियों के हाथों में होगी। उन्होंने इस बार ओड़ीसा का धान जिले में नहीं खपने देने का दावा किया है। यही नहीं उन्होंने इस कारोबार से जुड़े कुछ बिचौलियों की पहले से ही कुंडली बनाने की बात भी कही है।

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